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UP: वाराणसी में पिछले साल से भी 100 सेंटीमीटर नीचे बह रहीं गंगा; देश का सबसे तपने वाला शहर; जानें वजह

Fri, 26 Jun 2026 05:26 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi Weather: वाराणसी में लगातार पड़ रही भीषण गर्मी और लू का असर गंगा के जलस्तर पर भी दिख रहा है। गंगा का जलस्तर 58.49 मीटर दर्ज किया गया, जो पिछले वर्ष के करीब 59.50 मीटर से लगभग एक मीटर कम है। बनारस देश का सातवां सबसे गर्म शहर रहा, जबकि 44 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से लू चलने से जनजीवन प्रभावित रहा।
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धूप से बचाव के लिए गमछा ओढ़कर जातीं लड़कियां। - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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Varanasi News: काशी महीने भर से लू की गिरफ्त में है। यहां प्रचंड गर्मी का अंदाजा गंगा के पानी से भी लग रहा है। इस बार गंगा पिछले साल से करीब 100 मीटर नीचे बह रही हैं। बृहस्पतिवार को गंगा का जलस्तर 58.49 मीटर रहा, जबकि 25 जून, 2025 को जलस्तर करीब 59.50 मीटर तक था। उस समय रोज जलस्तर 60 से 70 सेंटीमीटर की गति से बढ़ रहा था। जबकि, इस बार काशीवासियों को ऐसा कुछ भी होता नहीं दिख रहा है। 

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लू के कारण पड़ रही सूखी गर्मी से गंगा भी प्रभावित हैं। कई जगह रेत दिखाई पड़ रहे हैं। दूसरी ओर गर्मी कम होने का नाम नहीं ले रही है। बृहस्पतिवार को बनारस देश का सातवां सबसे गर्म शहर रहा। यूपी सहित उत्तर भारत में मानसून के समय से न आने के चलते ऐसी गंगा का जलस्तर कम है।

44 किमी/घंटे की रफ्तार से बही लू
बनारस का पारा सामान्य से 6.3 डिग्री ज्यादा 42.2 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। न्यूनतम तापमान सामान्य से 2.9 डिग्री ज्यादा 30.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शाम साढ़े चार बजे के आसपास 44 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से लू बही। तीखी धूप और तेज पछुआ झुलसाने लगी है, हालांकि देर रात हल्के बादल और तेज हवा के बहने के चलते रात का तापमान तेजी से ऊपर नहीं जा पा रहा है, लेकिन दिन की गर्मी असहाय हो गई है और हर किसी को मानसून का बेसब्री से इंतजार है। हवा में नमी अधिकतम 50 फीसदी तक ही रही।

जून के अंत तक काशी में मानसून
यूपी आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ विज्ञानी डॉ. अतुल कुमार सिंह ने बताया कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में कई जगहों पर लू का दौर जारी रह सकता है। हालांकि जून के अंत तक मानसून बनारस में आ सकता है। उम्मीद है कि सोनभद्र के रास्ते मानसून प्रवेश कर जाए। 28 जून तक पूर्वी उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर लू का असर होगा। 30 जून से प्रदेश में व्यापक वर्षा की संभावना जताई जा रही है।
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वर्ष --- काशी में मानसून (तारीख)
2017 - 22 जून
2018 - 30 जून
2019 - 21 जून
2020 - 16 जून
2021 - 13 जून
2022 - 20 जून
2023 - 23 जून
2024 - 25 जून
2025 - 17 जून
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