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गंगा दशहरा: वाराणसी में भक्तों ने किया स्नान, संकल्प सहित किया दसदान, कई जगह लौटाए गए श्रद्धालु

Mon, 21 Jun 2021 12:06 AM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

कोरोना के चलते गंगा घाटों पर लॉकडाउन इस बार भी लागू है। दूर-दराज से आने वाले आस्थावानों को सिर्फ मायूसी ही हाथ लगी है। दशाश्वमेध घाट समेत सभी घाटों पर पुलिस की तैनात है।
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दशाश्वमेध घाट पर तैनात पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गंगा दशहरा पिछले वर्ष की भांति ही इस वर्ष भी कोरोना संक्रमण की भेंट चढ़ गया। गंगा घाटों पर स्नानार्थियों के गंगा स्नान व पूजन पर रोक रही। दूर दराज क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालु गंगा स्नान से वंचित हो गए। सुबह से ही सभी गंगा घाटों पर पुलिस तैनात रही।

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रविवार को काशी के मुख्य घाटों दशाश्वमेध घाट, प्रयाग घाट, शीतला घाट, अस्सी घाट, तुलसी घाट, हरिश्चंद्र घाट, मणिकर्णिका घाट, पंचगंगा व रविदास घाट पर स्नानार्थियों के जाने पर रोक रही। जल पुलिस चौकी से पब्लिक एड्रेस सिस्टम के जरिए बार-बार चेतावनी सूचना प्रसारित की जा रही थी।

इलाकाई पुलिस प्रमुख घाटों पर और घाट जाने वाले मार्गों पर तैनात होकर लोगों को उल्टे पांव लौटा रही थी। हालांकि, पिंड दान और अस्थि विसर्जन करने वाले यात्रियों को पुरोहित संग जाने दिया जा रहा था।
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मां गंगा का हुआ दुग्धाभिषेक, आरती और श्रमदान
गंगा दशहरा पर नमामि गंगे ने दशाश्वमेध घाट पर मां गंगा का दुग्धाभिषेक किया। गंगा जयघोष के बीच राष्ट्र ध्वज लहरा कर राष्ट्रीय नदी गंगा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई। नमामि गंगे टीम के महिला और पुरुष सदस्यों ने गंगा तलहटी की सफाई कर लोगों से गंदगी न करने की अपील की। 

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सांकेतिक रूप से मनाया गंगा दशहरा, चढ़ाई पियरी

कोरोना संक्रमण के कारण गंगा दशहरा का आयोजन सांकेतिक रूप से किया गया। दशाश्वमेध घाट पर सुबह मां गंगा को फल फूल नैवेद्य चढ़ाकर पूजा पाठ किया गया। गंगोत्री सेवा समिति के संस्थापक और अध्यक्ष पंडित किशोरी रमण दुबे बाबू महाराज ने पांच वैदिक ब्राह्मणों की उपस्थिति में मास्क लगाकर शारीरिक दूरी का पालन करते हुए मां गंगा की विधिवत पूजा अर्चना की। मां गंगा को 11 लीटर दूध से अभिषेक करते हुए पियरी साड़ी और शृंगार के सामान चढ़ाए गए। गीतकार कन्हैया दुबे केडी और अमलेश शुक्ला ने मां गंगा के भजनों की सरिता बहाई।
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