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Ganga Dussehra 2022: काशी में साधु-संतों ने किया मां गंगा का विशेष पूजन, आदि विश्वेश्वर की मुक्ति की कामना

Thu, 09 Jun 2022 01:44 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

वाराणसी के अस्सी घाट पर गुरुवार सुबह सभी संप्रदायों के संतो-महात्माओं ने  मां गंगा का षोडशोपचार पूजन किया। गंगा पूजन कर जगकल्याण और ज्ञानवापी में मिले  आदि विशेश्वर की मुक्ति की कामना की गई। 
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अस्सी घाट पर मां गंगा का षोडशोपचार पूजन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पतित पावनी गंगा के अवतरण दिवस पर शिव की नगरी काशी में सभी संप्रदायों के संतो-महात्माओं ने मां गंगा का षोडशोपचार पूजन किया।  गंगा महासभा एवं अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री स्वामी जीतेंद्रानंद सरस्वती के सानिध्य में कार्यक्रम का आयोजन गुरुवार सुबह अस्सी घाट पर हुआ। गंगा पूजन कर जगकल्याण और ज्ञानवापी में मिले  आदि विशेश्वर की मुक्ति की कामना की गई।

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स्वामी स्वामी जीतेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि मां गंगा की अराधना कर देश दुनिया के सनातनी लोगों के लिए सुख और समृद्धि की  कामना की गई। इस वर्ष से एक नई कामना जुड़ गई और वो है आदि विशेश्वर की मुक्ति की कामना। ज्ञानवापी में विशेश्वर महादेव के प्रकट होने के बाद मां गंगा ही उनकी मुक्ति की राह प्रशस्त कर सकती है। 

गंगा स्नान से 10 पापों से मिलती है मुक्ति

उन्होंने कहा कि धर्मशास्त्रों के अनुसार गंगा दशहरा के दिन गंगाजल के सेवन या गंगा स्नान करने से अनजाने में हुए पाप और कष्टों से मुक्ति मिल जाती है। कुल दस प्रकार के पाप नष्ट होते हैं। दैहिक पाप जैसे बिना दी हुई वस्तु को लेना, निषिद्ध हिंसा, परस्त्री संगम, यह तीन प्रकार का दैहिक पाप माना गया है।

गंगा किनारे पूजन करते संत - फोटो : अमर उजाला
वाणी से पाप- कठोर वचन, झूठ बोलना, चुगली करना एवं वाणी द्वारा किसी के मन को दुखाना ये वाणी से होने वाले चार प्रकार के पाप हैं। मानसिक पाप जैसे दूसरे के धन को लेने का विचार करना, मन से किसी का बुरा सोचना और असत्य वस्तुओं में आग्रह रखना, ये तीन प्रकार के मानसिक पाप कहे गए हैं।

ये सभी दैहिक, वाणी द्वारा एवं मानसिक पाप, गंगा दशहरा के दिन पतितपावनी गंगा में स्नान से धुल जाते हैं। यह गंगा दशहरा का महत्व है।  इस अवसर पर उन्होंने श्रद्धालुओं और स्नानार्थियों से मां गंगा को स्वच्छ बनाए रखने का निवेदन किया। इस दौरान पातालपुरी मठ के महंत बाबा बालक दास, दंडी संन्यासी प्रबंधन समिति के अध्यक्ष स्वामी विमलदेव, कर्णघंटा के महंत ईश्वर दास, महंत अवधेश दास, दर्जनों दंडी संन्यासी समेत अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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गौरी केदारेश्वर का जलाभिषेक

गौरी केदारेश्वर का जलाभिषेक - फोटो : अमर उजाला
गंगा दशहरा पर गुरुवार को केदार घाट स्थित बाबा गौरी केदारेश्वर महादेव का जलाभिषेक किया गया। गौरी केदारेश्वर देव दीपावली साहित्यिक एवं सांस्कृतिक नंगा सेवा समिति केदार घाट के तत्वाधान में आयोजित जलाभिषेक समारोह का शुभारंभ समाजसेवी पर्यावरण प्रहरी रामयश मिश्र एवं संयोजक महेश तिवारी संयुक्त रूप से बाबा का कमल के फूल के साथ जलाभिषेक कर किया।

कार्यक्रम  संयोजक महेश तिवारी ने बताया कि दो साल से कोरोना के कारण बाबा का जलाभिषेक गंगा दशहरा पर हम लोग नहीं कर पाए थे। आज मां गंगा के अवतरण दिवस पर उनके जल से बाबा का जलाभिषेक कर परम सुख की प्राप्ति हुई। 
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