बता दें कि गंगा में शैवाल के कारण अस्सी से राजघाट के बीच गंगा का पानी हरा हो गया था। वहीं पानी में फास्फोरस और नाइट्रोजन की मात्रा भी बढ़ गई थी। इसके बाद नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा से लेकर शासन और प्रशासन भी सतर्क हो गया। जिलाधिकारी ने इसकी जांच के लिए पांच सदस्यीय टीम का गठन किया और उसकी रिपोर्ट के आधार पर अब शैवाल दूर करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
गंगा के जलस्तर में सात सेंटीमीटर की बढ़ोतरी
गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी जारी है। 24 घंटे में गंगा के जलस्तर में सात सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, गंगा का जलस्तर 58.48 मीटर दर्ज किया गया। पहाड़ों पर हो रही बरसात के कारण गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है। गंगा में बढ़ते प्रदूषण को कम करने के लिए नदी विज्ञानियों की सिफारिश के बाद गंगा में जल प्रवाह बढ़ाया गया है। पिछले नौ दिनों में गंगा के जलस्तर में 48 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।