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काशी में गंगा आरती का रेट तय: VIP सीट, रूफटॉप व्यू, इंटरनेट पर 1000 रुपये की पवित्र छूट; तस्वीरें और वीडियो

Wed, 22 Apr 2026 11:15 AM IST
Aman Vishwakarma हिमांशु अस्थाना, अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: धार्मिक नगरी काशी में भक्तों से गंगा आरती देखने के दाैरान पैसे लिए जा रहे हैं। वीआईपी जैसी व्यवस्था देने के नाम पर मनमानी रकम की वसूली हो रही है। यह दृश्य देखकर आम भक्त दूर से ही मां गंगा को नमन कर आगे बढ़ जा रहे हैं।
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अस्सी घाट पर भक्तों से रुपये लेता युवक। - फोटो : संवाद
Varanasi News: काशी की गंगा आरती में वीआईपी सीट, रूफटॉप व्यू और नावों-बजड़ों के लिए अलग-अलग रेट तय हो चुके हैं। यहां तक कि अर्चकों के ठीक पीछे घाट की सीढि़यों के पत्थरों पर बैठने का भी दाम लिया जा रहा है। 

जो स्वेच्छा से दान नहीं कर रहे, उनसे जोर देकर रुपये मांगे जा रहे हैं, जबकि आरती का थाल आसपास भी नहीं होता। वहीं, आरती में यह ट्रेंड देखकर आम भक्त दूर से ही गंगा आरती का आध्यात्मिक लाभ लेना शुरू कर चुके हैं। 
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अस्सी घाट पर गंगा आरती के लिए जुटी भीड़। - फोटो : संवाद
ऑनलाइन बुकिंग में इंक्वायरी के दौरान वेबसाइट संचालक बाहरी पर्यटकों से पांच सीट के लिए 3500 से 4200 रुपये तक की मांग कर रहे हैं। वहीं 1000 रुपये का सेक्रेड डिस्काउंट यानी कि पवित्र छूट भी दे रहे हैं। 3100 की जगह 2100 रुपये लेकर दो लोगों को गंगा आरती दिखाने का दावा कर रहे हैं। वेबसाइट बुकिंग वाले भक्तों को प्रोटोकॉल वाली लेन में ही गंगा आरती दिखाई जा रही है। अमर उजाला की ओर से दशाश्वमेध घाट और अस्सी घाट पर गंगा आरती के नाम पर की जा रही वसूली की पड़ताल की गई। 
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शाम से ही कटने लगती है रसीद। - फोटो : संवाद
प्राचीन दशाश्वमेध घाट 
घाट के ठीक किनारे नावों पर खड़े या बैठकर गंगा आरती देखने के 300 रुपये और एकदम पीछे बैठने के लिए 100-200 रुपये देने पड़ रहे थे। नाव से घूमेने के लिए 300 से 500 रुपये दिए जा रहे थे। जबकि आरती खत्म होने के बाद घूमने के लिए नाव वाले 100 रुपये ही ले रहे थे। 

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सीढि़यों पर बैठे लोगों से उतारते हैं मोटी रकम। - फोटो : संवाद
दशाश्वमेध घाट 
गंगा आरती से पहले ही एक युवक रूफटॉप व्यू के लिए 200 से 300 रुपये की मांग पर्यटकों से कर रहा था। वह इशारे कर बता भी रहा था कि ऊपर बैठने का चार्ज है और नीचे का फ्री। ज्यादातर अंग्रेज पर्यटक ही ऊपर से गंगा आरती देखने के लिए छतों पर जा रहे थे। 
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तीन से चार लोग इस काम में लगते हैं। - फोटो : संवाद
अस्सी का पुराना घाट 
गंगा आरती में आगे के पत्थरों पर बैठने वालों से बार-बार मांग कर रुपये लिए जा रहे थे। जबकि आसपास आरती की कोई थाल भी नहीं दिख रही थी।दबाव डालकर रुपये मांगे जा रहे थे। एक व्यक्ति पेन से डायरी में कुछ नोट भी कर रहा था। हालांकि नए वाले घाट पर लगीं कई वीआईपी कुर्सियां हटवा ली गई थीं। अस्सी का नया घाट: गंगा आरती देखने के लिए आगे लगीं कुर्सियां हटवा ली गईं हैं। वहीं, सीढि़याें पर बैठ कर लोग आरती देखते हैं।
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वीआईपी व्यवस्थाएं भी दी जाती हैं। - फोटो : संवाद
पर्यटकों को वेबसाइट पर मिल रहे आरती के स्पेशल पैकेज 
गंगा आरती बुकिंग डॉट इन : पांच लोगों के लिए गंगा आरती फ्रंट सीट बुकिंग 4200 रुपये में, साथ में गंगा पूजा, अभिषेक और स्पेशल प्रसाद। दो भक्तों के लिए 2100 रुपये देने होते हैं। वहीं,  गंगा पूजा का पैकेज 2100 रुपये और 1100 रुपये तय है। तीन से चार लोग यदि अस्सी घाट से बोट बुक कर उसी से दशाश्वमेध घाट की आरती देखते हैं तो 3500 रुपये लिए जाते हैं।
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चंदन का टीका बांटकर भी उतारते हैं रुपये। - फोटो : संवाद
वाराणसी गुरु डॉट कॉम : 1100 रुपये में गंगा आरती और पूजा बुकिंग अवधि डेढ़ घंटे, वीआईपी सीट। 
तीर्थ टूर वेबसाइट : दो लोगों की वीआईपी सीट, व्यक्तिगत गंगा आरती,  प्रसाद आदि के लिए 2100 रुपये की बुकिंग की जा रही है। हालांकि, रेट 3100 रुपये है लेकिन 1000 रुपये का सेक्रेड डिस्काउंट ऑफर दिया जा रहा है। स्थान दशाश्वमेध घाट होगा और रिपोर्टिंग टाइम 5:15 बजे।
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ललिता घाट पर गंगा आरती करते अर्चक। - फोटो : संवाद
आज फिर समितियों-प्रशासन की हो सकती है बैठक
गंगा आरती में धन उगाही के मामले को लेकर जिला और पुलिस प्रशासन अब एक्टिव दिख रहा है। शुक्रवार को अस्सी घाट के गंगा आरती संचालकों के साथ बैठक हो सकती है। तीन दिन पहले विश्वनाथ मंदिर को इनके अर्चकों को वेतन देने की शर्त पर गंगा आरती की जिम्मेदारी दिए जाने का प्रस्ताव दिया गया था लेकिन समितियों ने इसे अस्वीकार कर दिया। कहा है कि वे बहुत समय से गंगा आरती करते आ रहे हैं। पंडा समाज गंगा की पूजा करता आ रहा है। उनका ये अधिकार उनसे नहीं छीना जा सकता।

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