ब्रांडेड दवाओं के नाम की नकली दवाओं की सप्लाई करने वाले गैंग का खुलासा
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एसटीएफ की वाराणसी इकाई के एडिशनल एसपी विनोद कुमार सिंह ने बताया कि अंतरराज्यीय गिरोह की तरफ से पूर्वांचल के जिलों में नकली दवाएं बेचे जाने की सूचना मिली थी। इसी आधार पर इंस्पेक्टर अनिल कुमार सिंह के नेतृत्व में टीम गठित की गई। जांच में पाया गया कि बुलंदशहर निवासी अशोक कुमार सिगरा क्षेत्र की चर्च कॉलोनी और लहरतारा में नकली दवाएं रखता है।
जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर इंस्पेक्टर अनिल सिंह, सहायक आयुक्त औषधि प्रशासन नरेश मोहन दीपक, ड्रग इंस्पेक्टर एके बंसल, संजय दत्त, चंद्रेश द्विवेदी, बृजेश मौर्या और सिगरा इंस्पेक्टर राजू सिंह की टीम ने चर्च कॉलोनी में छापा मार कर अशोक को गिरफ्तार किया। अशोक की निशानदेही पर ही मोनोसेफ ओ, गाबापिन एनटी, क्लैवैम 625, पैन डी, पैन 40, सीएफई एजेड और टैक्सिम ओ जैसी दवाओं की 300 पेटियां बरामद की गईं।
एसटीएफ के मुताबिक गिरफ्तार अशोक कुमार गिरोह का सरगना है। पूछताछ में उसने गिरोह के सदस्यों के नाम भी बताए हैं। इनमें हिमाचल प्रदेश के बद्दी निवासी रजनी भार्गव व सुनील, हरियाणा के पंचकुला का अमित दुआ भी शामिल है। ये सब फर्जी बिल्टी व जीएसटी बिल के साथ ट्रांसपोर्ट के माध्यम से दवाएं भेजते थे।
इसके बाद अशोक वाराणसी के बंटी, रेहान, डॉक्टर मोनू, एके सिंह, आशापुर के शशांक मिश्रा व चौबेपुर के नीरज चौबे, सोनभद्र के न्यू बस्ती परासी अनपरा के अभिषेक कुमार सिंह, प्रयागराज के रोहन श्रीवास्तव, पटना के रमेश पाठक व दीपक, पूर्णिया के अशरफ और हैदराबाद के लक्ष्मण के साथ मिलकर नकली दवाओं को अलग-अलग जिलों में भेजकर बेचता था।