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UP: फर्जी बैंक खाते बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़, महिला सरगना और पोस्टमैन समेत छह गिरफ्तार; ऐसे करते थे हेरफेर

Sun, 26 Jul 2026 05:14 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

ऑपरेशन साइ-वज्र के तहत सिगरा पुलिस और साइबर सेल ने फर्जी बैंक खाते खुलवाकर साइबर ठगों को बेचने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया। महिला सरगना और एक पोस्टमैन समेत छह आरोपी गिरफ्तार किए गए। गिरोह के खातों से देशभर में 21 साइबर ठगी के मामलों में करीब 76.44 लाख की धोखाधड़ी सामने आई।
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वाराणसी में महिला सरगना और पोस्टमैन समेत छह गिरफ्तार। - फोटो : संवाद
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Operation Cy-Vazra: अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह की महिला सरगना, एक डाकिया समेत छह आरोपियों को सिगरा पुलिस और साइबर क्राइम सेल की संयुक्त टीम ने शनिवार रात महमूरगंज तिराहे से गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से विभिन्न बैंकों की चेकबुक, डेबिट कार्ड, 11 पासबुक, पैन कार्ड, आधार कार्ड समेत अन्य दस्तावेज बरामद हुए। गिरोह ने बैंक खातों और चेकबुक के जरिये लगभग 76.44 लाख रुपये की साइबर ठगी की है। 

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देश के विभिन्न राज्यों में गिरोह के खिलाफ साइबर अपराध के 21 मुकदमे दर्ज हैं। गिरोह ने कर्नाटक, राजस्थान, पंजाब, तमिलनाडु, बिहार, हरियाणा, असम और मणिपुर समेत विभिन्न राज्यों में बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी के लिए किया। 

बरामद सामान। - फोटो : संवाद
अकेले कर्नाटक में 35.50 लाख रुपये से अधिक की ठगी की गई है। डीसीपी क्राइम नीतू ने रविवार को पुलिस लाइन स्थित सभागार में मीडिया को बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में गिरोह की सरगना सोनभद्र के दुद्धी थाना क्षेत्र के म्योरपुर बरियारी निवासी आरती कुमारी, म्योरपुर के कुशमाहा गांव निवासी मालती देवी, दुद्धी के डुमरडीहा निवासी उमंग कुमार, सिगरा के महमूरगंज स्थित रानीपुर निवासी डाकिया शोभनाथ, जौनपुर के केराकत तहसील के चक्के निवासी तथा आधार कार्ड बनाने का कार्य करने वाला जितेंद्र कन्नौजिया और बैंकों से खाते खुलवाने में सहयोग करने वाला सिगरा के छित्तूपुर जयप्रकाश नगर निवासी अनिल कुमार शामिल हैं।

एसीपी चेतगंज शुभम कुमार सिंह ने बताया कि गिरोह बेहद शातिराना तरीके से काम करता था। इसके सदस्य गरीब लोगों को पैसों का लालच देकर उनके आधार कार्ड में सिगरा का फर्जी पता दर्ज कराते थे। इसी फर्जी पते पर वाराणसी के विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाए जाते थे। गिरोह में शामिल डाकिया शोभनाथ बैंक किट (चेकबुक और डेबिट कार्ड) फर्जी पते पर पहुंचने से पहले ही हासिल कर लेता था। इसके बाद बैंक किट और खाते से जुड़े मोबाइल सिम कार्ड को पैक कर मुख्य साइबर अपराधियों को कूरियर के माध्यम से भेज दिया जाता था। जितेंद्र कुमार कन्नौजिया के खिलाफ पहले भी जौनपुर में साइबर अपराध का मामला दर्ज है।
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सिगरा इंस्पेक्टर शिवाकांत मिश्रा ने बताया कि यह गिरोह तमिलनाडु, बिहार, असम, कर्नाटक, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब और मणिपुर में साइबर ठगी की घटनाओं को अंजाम दे चुका है। गिरोह ने लगभग 76 लाख 44 हजार रुपये की ठगी की है। साइबर सेल प्रभारी मनोज कुमार तिवारी, एसआई भरत भट्ट, रोहित त्रिपाठी, महिला उपनिरीक्षक काजोल सिंह और उपनिरीक्षक कृष्ण कुमार जायसवाल की टीम ने जाल बिछाकर आरोपियों को महमूरगंज क्षेत्र से गिरफ्तार किया।
साइ वज्र अभियान के तहत की गई जांच में सामने आया कि लोगों को लालच देकर उनके बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर अपराध से अर्जित रकम को खपाने के लिए किया जा रहा था। गिरोह की सरगना आरती के खिलाफ बलिया, गाजीपुर, जौनपुर और सोनभद्र में भी शिकायतें सामने आई हैं।  - नीतू, डीसीपी क्राइम 
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