विघ्नहर्ता गणेश की नयनाभिराम प्रतिमाएं रविवार की देर रात तक पंडालों में पहुंचा दी गईं। सविधि मंत्रोच्चार के साथ सोमवार की सुबह प्रतिमाओं की प्राण -प्रतिष्ठा होगी। रिद्धि-सिद्धि के साथ भगवान गणेश की कहीं पांच दिवसीय तो कहीं सात दिवसीय महोत्सव होगा। मराठा समाज में गणेशोत्सव को यादगार बनाने के लिए विविध कार्यक्रम तैयार किए गए हैं। नृत्य, गायन के अलावा प्रतियोगिताओं की भी धूम मचेगी।
प्रणम्य शिरसा देवं गौरी पुत्रम विनायकम भक्तावासं स्मरैन्नित्य मायुष्कामार्थ सिद्धये...। गणपति के विविध रूप पंडालों में विराजेंगे। हर किसी के मंगल, कल्याण की कामना होगी। गणपति महोत्सव के लिए गली-मुहल्लों में साज-सज्जा कर ली गई है। आस भैरो स्थित अग्रवाल भवन जाने वाले मार्ग को रंग-बिरंग लतरों से सजा दिया गया है। वहां काशी मराठा उत्सव समिति की ओर से लाल बाग के राजा की प्रतिमा सोमवार की सुबह मंत्रोच्चार साथ प्रतिष्ठापित होगी।
दोपहर बाद रत्नों से जड़ित प्रतिमा अग्रवाल भवन पहुंचा दी गई। इस समिति की गणेश प्रतिमा के विसर्जन के दौरान बीते वर्ष बवाल हुआ था। गणेश दीक्षित लेन गणेश भवन में सुबह आठ बजे प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा होगी। शाम छह बजे चारों वेदों की शाखाओं के मंत्रोच्चार के साथ वसंत पूजा होगी। रात आठ बजे नारदीय हरिकीर्तन होगा। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो, यदुनाथ दुबे बतौर मुख्य अतिथि हिस्सा लेंगे।
अगस्त्यकुंडा स्थित शारदा भवन में मध्याह्न बेला में गणेश प्रतिमा की प्रतिष्ठापना होगी। शाम सात बजे वेदघोष होगा। इसी तरह काशी गणेशोत्सव कमेटी की ओर से सुबह 10 बजे मूर्ति स्थापना होगी। रामतारका आंध्रा आश्रम, सांगवेद विद्यालय रामघाट, गायघाट, सार्वजनिक श्रीणेशोत्सव, सिद्धि विनायक मंदिर गढ़वासी टोला के अलावा अन्य स्थानों पर गणेश प्रतिमाओं की प्रातिष्ठापना सुबह 10 बजे तक कर दी जाएगी।