इन सभी मंदिरों में सफाई व पूजन की तैयारी चल रही है। बड़ा गणेश मंदिर के पुजारी रामनाथ दुबे ने बताया कि गणेशोत्सव पर मंदिर दर्शन पूजन के लिए भक्तें की भीड़ बढ़ जाती है। इसको देखते हुए तैयारी भी की जाती है। काशी मराठा समिति सरंक्षक संतोष पाटिल ने बताया कि इस बार भी महाराष्ट्र से लालबाग के राजा की प्रतिमूर्ति काशी आएगी।
आसभैरव के पास स्थापित किया जाएगा। इस बार उनको चंद्रयान के सिंहासन पर विराजमान कराया जाएगा। नूतन बाल गणेशोत्सव समाज सेवा मंडल के कोषाध्यक्ष प्रवीण बसंत पटवर्धन ने बताया कि इस बार सात दिन गणेश जी को घोड़ा, हाथी, मूसक आदि पर विराजमान कराया जाएगा।
काशी में दर्जनभर संस्थाएं गणेशोत्सव का आयोजन करती हैं। मगर सबसे पुरानी दो संस्थाएं हैं। इसमें श्रीकाशी गणेशोत्सव कमेटी 126 साल पुरानी है। इसके बाद नूतन बाल गणेशोत्सव समाज सेवा मंडल 115 साल पुरानी संस्था है। बाकी 50 साल के नीचे हैं।