दूसरा जिक्र
पांच फरवरी 1925 को प्रकाशित यंग इंडिया में गांधी जी ने लिखा, किसी की धार्मिक उपासना गृह के ऊपर अपना अधिकार करना जघन्य पाप है। मुगल काल में धार्मिक धर्मांध्ता इतनी ज्यादा थी कि कई हिंदू मंदिरों को मस्जिद बना दी गई। कई अराधना स्थलों पर कब्जा कर लिया गया। हिंदू जहां बराबर राम, कृष्ण, शंकर, विष्णु की पूजा करता चला आ रहा है, कोई उसे तोड़कर मस्जिद बना दे तो वो कैसे सहन करेगा। दाेनों धर्मों के लोगों को आपस में तय कर फैसला कर लेना चाहिए। मुस्लिमों को उदारता पूर्वक हिंदुओं को उनके मंदिरों को दे देना चाहिए।