उन्होंने बहुपक्षवाद का समर्थन किया और कहा कि मानवाधिकारों को ध्यान में रखते हुए सतत विकास की दिशा में प्रगति में तेजी लाने के लिए सामूहिक कार्रवाई की आवश्यकता है। उधर, विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने यूरोपीय संघ के इस बयान पर कहा कि बंद कमरे में क्या हुआ, इसे सार्वजनिक नहीं किया जा सकता है। यह जरूर है कि बैठक में सभी लोगों ने अपनी स्पष्ट तौर पर प्रमुखता के साथ रखीं।
जी-20 बैठक के लिए जातीं जट्टा उर्पिलैनन
- फोटो : अमर उजाला
यूरोपीय संघ की अंतरराष्ट्रीय सहभागिता आयुक्त जट्टा उर्पिलैनन ने अपनी काशी यात्रा का अनुभव भी बताया और कहा कि काशी की कला, संस्कृति और आतिथ्य ने मुझे मुरीद बना लिया है। गंगा आरती अविस्मरणीय है। इसकी स्मृतियां जीवन भर जेहन में रहेंगी।