आर्थिक विकास का खाका तय करने के लिए मंगलवार को जी-20 फ्रेमवर्क वर्किंग ग्रुप (एफडब्ल्यूजी) की दो दिवसीय बैठक अंतरराष्ट्रीय पहलुओं पर मंथन के साथ शुरू हो गई। इसमें विकसित और विकासशील देशों के 80 से ज्यादा डेलीगेट्स हिस्सा ले रहे हैं।
दो दिन में उद्योग, व्यापार, पर्यटन, कृषि के क्षेत्र में समावेशी विकास के अहम पहलुओं पर मंथन कर विकास का खाका तैयार किया जाएगा। यहां तय हुए विकास के एजेंडे को जुलाई में जर्मनी के हैम्बर्ग में होने वाले जी-20 सम्मलेन में प्रस्तुत किया जाएगा।
होटल ताज गेटवे में सुबह 9:30 बजे वित्त मंत्रालय के सचिव शक्तिकांत दास ने बैठक का उद्घाटन किया। प्रथम सत्र के मंथन का एजेंडा अंतरराष्ट्रीय पहलुओं से जुड़ा था। इसमें खास तौर से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किए जा सकने वाले उद्योग, कृषि, पर्यटन विकास के लिए संसाधनों के विकास के लिए निवेश, धार्मिक-सांस्कृतिक पर्यटन के विकास के अलावा अंतरराष्ट्रीय व्यापार की संभावनाओं पर विस्तार से रोशनी डाली गई।
जी-20 की इस अहम ग्रुप की बैठक में समूह के सदस्य देशों के वित्त मंत्रालय और भारतीय रिजर्व बैंक के अधिकारी तथा आर्थिक विशेषज्ञों ने समावेशी विकास का संभावित खाका ख्रींचने के लिए मंगलवार को पहले दिन तीन सत्र में मंथन किया गया।
सम्मेलन में बैंक ऑफ कनाडा, बैंक ऑफ जापान, बैंक ऑफ रशिया, बैंक ऑफ कोरिया, बैंक ऑफ इटली, बैंक ऑफ इंडोनेशिया, सेंट्रल बैंक ऑफ अर्जेंटीना, साउथ अफ्रीका रिजर्व बैंक, बैंक ऑफ इंग्लैंड और स्विस नेशनल बैंक के अधिकारियों के अलावा वित्त मंत्रालयों के अधिकारी और आर्थिक सलाहकार हिस्सा ले रहे हैं।
भारत और कनाडा के वित्त मंत्रालयों के प्रतिनिधि संयुक्त रूप से इसकी अध्यक्षता कर रहे हैं।