जी-20 देशों के सम्मेलन में भविष्य के विकास पर चर्चा होनी है। विदेश मंत्री एस जयशंकर की अगुवाई में जी-20 देशों के विकास मंत्री जुटेंगे। इसमें बीते नौ साल में वाराणसी के विकास का प्रस्तुतीकरण होगा और दूसरे देशों के विकास मॉडल पर चर्चा की जाएगी। जी-20 देशों के शहरों में काशी मॉडल को अमल कराया जाएगा। दरअसल, पिछले नौ साल में काशी की प्राचीनता को बचाते हुए आधुनिकता के सफर में कई बदलाव किए गए हैं।
इसमें गंगा को प्रदूषण मुक्त करने के लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, रिंग रोड से शहर को जाम मुक्त करने और काशी विश्वनाथ धाम के जरिये धार्मिक नगरी काशी की अर्थवव्यस्था को प्रगति का प्रस्तुतीकरण किया जाएगा। इसमें दुनिया के आकर्षण में काशी को केंद्र बनाने के प्रयास पर चर्चा की जाएगी। यहां बता दें कि अप्रैल में काशी में जी-20 के कृषि विशेषज्ञों की बैठक हुई थी और इसमें मोटे अनाज के भारत मॉडल को जी-20देशों से सराहा था।
वाराणसी के विकास मॉडल में जल परिवहन के लिए किए गए प्रयासों का प्रस्तुतीकरण किया जाएग। इसमें काशी से दुनिया के सबसे लंबी नदी यात्रा पर शुरू किए क्रूज और घाटों पर सीएनजी पंप के जरिये नावों के स्वरूप में बदलाव को भी बताया जाएगा। जल परिवहन के जरिये सामनों की ढुलाई और छोटे-छोटे जलमागोँ को विकास मॉडल के रुप में पेश किया जाएगा।
दुनिया के तीसरे रोपवे शहर के रुप में विकसित हो रही काशी के इस प्रयास को भी जी-20 देशों के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। इससे पहले मैक्सिको बोलीविया की राजधानी लोपाज और मैक्सिको में रोपवे का संचालन किया जा रहा है। मगर, घनी आबादी में रोपवे का निर्माण और संचालन का पहला माॅडल काशी प्रस्तुत करेगी।