योग गुरु रामदेव के ज्योतिष के खिलाफ दिए गए बयान पर बीएचयू के संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय के ज्योतिष विभाग ने भी आपत्ति जताई है। विभागाध्यक्ष प्रो. विनय कुमार पांडेय ने कहा कि रामदेव का ज्योतिष को पाखंड बताने वाला बयान निरर्थक एवं अविवेकपूर्ण है।
शुक्रवार को ज्योतिष विभाग में प्रेसवार्ता के दौरान प्रो. पांडेय ने कहा कि यो ज्योतिषं वेत्ति स वे यज्ञान के अनुसार वेद के अंग के रूप में प्रतिष्ठित यह शास्त्र आज भी अपनी लोकप्रियता के कारण सनातन धर्म में आदरणीय है। जिस फलादेश की बात रामदेव कर रहे हैं, वो उनसे कोसों दूर है, आखिर रामदेव ज्योतिष को कितना जानते हैं? यदि जानते तो प्रलाप नहीं करते, यदि जानते हैं और तब ये सब बोल रहे हैं तो ये शिष्टता नहीं है। उनका वक्तव्य उनके आयुर्वेद एवं योग के ज्ञान पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। उनकी आत्ममुग्धता तो देखिए एक भी विषय को ठीक से नहीं पढ़ने वाला व्यक्ति खुले मंच से उद्घोष करता है कि हमने चार वेद, छह शास्त्र, गीता, पुराण, उपनिषद एवं सभी संस्कृत वांग्मय से संबंधित विद्याओं को पढ़ा है परंतु उसमें ज्योतिष का कहीं उल्लेख भी नहीं मिलता, जबकि इनमें से एक भी शास्त्र के किसी भी ग्रंथ का अध्ययन करने वाला व्यक्ति ज्योतिष शास्त्र के वास्तविक स्वरूप से परिचित हो जाता है।
उन्होंने बताया कि वैदिक कर्म का काल निर्धारण हो या काल गणना, ज्योतिष की अपनी सबसे बड़ी विशेषता है। संसार को गणित एवं खगोल से चमत्कृत करने वाला यह शास्त्र किसी के वक्तव्य एवं टीका टिप्पणी का मोहताज नहीं है। आज भी आम आदमी में रचा बसा यह शास्त्र संस्कार के आधान एवं संस्कृति के संवर्धन में अग्रगण्य है। इस दौरान प्रो. चंद्रमौली उपाध्याय, प्रो. गिरिजा शंकर, प्रो. शत्रुघभन त्रिपाठी, प्रो. सुभाष पांडेय, डॉ. राहुल मिश्र मौजूद रहे।
रामदेव ने ज्योतिष के नाम पर दुकान चलाने वालों का किया विरोध
संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के व्याकरण विभागाध्यक्ष आचार्य ब्रजभूषण ओझा ने कहा कि वेदानुकूल, शास्त्रानुमोदित जीवन जीने वाले एवं सनातन वैदिक परंपरा के संवाहक बाबा रामदेव ने कभी शास्त्रों का विरोध नहीं किया। वह शुक्रवार को विचार गोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। प्रो. ओझा ने कहा कि रामदेव ने गुरुकुल के परंपरागत विद्यार्थी के रूप में स्नातक के साथ-साथ वेदवेदांग, आयुर्वेद तथा योग का संपूर्ण अध्ययन किया है। कुछ तथाकथित विद्वान उन पर आरोप लगा रहे हैं कि रामदेव ज्योतिष के विरोधी हैं किंतु यह सर्वथा गलत है। वह ज्योतिष शास्त्र के नाम पर दुकान चलाने वाले, अंधविश्वास करने वाले, आडंबर एवं ढोंग रचने वालों का विरोध करते हैं। इस दौरान प्रो. अमित कुमार शुक्ला, डॉ. ब्रह्मचारी, डॉ. ज्ञानेंद्र सापकोटा, डॉ. राजा पाठक, डॉ. सत्येंद्र यादव आदि ने अपने विचार व्यक्त किए।