नौगढ़ के रास्ते सोनभद्र जा रहे फर्नीचर व्यवसाय को कट्टा सटकर चार नकाबपोश बदमाशों ने अगवा कर लिया। व्यापारी के पास पैसे ना होने पर दो बदमाश बाजार गए और जन सेवा केंद्र का क्यूआर कोड साथी पर भेजा जिस पर व्यापारी से 50 हजार रुपये डलवाए गए। फिर जन सेवा केंद्र से बदमाशों ने 50 कैश निकाला और चले गए। कैट के प्रहार से व्यापारी का सिर भी फूट गया है। बदमाशों के चंगुल में छूटने के बाद व्यपारी ने एसपीको फोन किया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
सोनभद्र निवासी फर्नीचर व्यापारी सुनील मौर्य गद्दा, बेड, आलमारी का ऑर्डर लेकर सप्लाई देने का काम करता है। सोनभद्र में धर्मशाला रोड पर उसकी फर्नीचर और सोफे की दुकान है। मंगलवार को करीब तीन बजे शाम वह चकिया मार्केट से आर्डर लेने के बाद अपनी बाइक से अकेले नौगढ़ के रास्ते सोनभद्र जा रहा था। लौवारी के पास पहुंचने पर झाड़ी से निकलकर बाहर आए चार नकाबपोश बदमाशों ने गाड़ी रोक कर उसके सर पर कट्टा तानकर अगवा कर लिया। उसके नाक पर घूंसा मार दिया और कट्टे से ही सिर पर प्रहार किया।
व्यापारी ने अपने पास पैसा ना होने की बात कही तो दो बदमाश उसे लेकर सुनसान जंगल में चले गए वहीं दो बदमाश नौगढ़ बाजार में स्टेट बैंक के पास स्थित जन सेवा केंद्र में पहुंचे। उन्होंने जन सेवा केंद्र का क्यूआर कोड अपने साथी बदमाशों पर भेजा, जिस पर व्यापारी ने अपने मोबाइल से 50 हजार रुपये डाला। बदमाशों ने जन सेवा केंद्र से कैश के रूप में पैसे निकाले तो उधर दोनों बदमाशों ने व्यापारी को छोड़ दिया। व्यापारी ने तुरंत एसपी को फोन किया और थाने में तहरीर दी। एसपी डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि तहरीर के आधार पर अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गयी है। मामले की सत्यता की भी जांच की जा रही है। वैसे पैसे निकाले गए हैं।
सुनील ने पुलिस को बताया कि वह मोटरसाइकिल से चकिया गया था। माल का ऑर्डर लेने के बाद वह नौगढ़ के रास्ते वापस सोनभद्र जा रहा था। अपराह्न में लौवारी के पास पहुंचने पर झाड़ी से निकलकर सड़क पर आए मुंह बांधे चार युवकों ने घेर लिया। विरोध करने पर युवकों ने उनकी गर्दन पर कट्टा तान दी और बोले जो कुछ है दे दो...वरना गोली मार देंगे। शोर करना चाहा तो उन्होंने मारते पीटते हुए जान से मारने की धमकी दे डाली। पुलिस ने घटनास्थल का मौका मुआयना के बाद जन सेवा केंद्र और आस पास में लगे कई सीसीटीवी कैमरों को खंगाला, लेकिन वारदात वाली जगह पर ऐसा कोई कैमरा नहीं मिला जिससे आरोपियों का सुराग लग सके।