शुभम नहाते समय डूबने लगा, जिसे बचाने के लिए संदीप आगे आया, शुभम तो बच गया लेकिन संदीप डूब गया। संदीप के पिता प्राइवेट सुरक्षा एजेंसी में गार्ड जितेंद्र खरवार के अनुसार संदीप गुरुधाम स्थित मेडिकल स्टोर पर काम करता था। दो भाई और दो बहन में संदीप सबसे बड़ा था। संदीप छह माह पहले शादी समारोह से लौटते समय सड़क दुर्घटना में घायल हुआ था। काफी दवा इलाज के बाद दो महीने पहले ठीक हुआ था।
सामनेघाट के मारुति नगर कॉलोनी निवासी प्रिंस की मौत के बाद घर का चिराग बुझ गया। वह बीएचयू में संविदाकर्मी वार्ड बॉय के पद पर प्रिंस कार्यरत था। प्रिंस के पिता लंका पर मेडिकल स्टोर चलाते हैं। दो बड़ी बहनों के बाद प्रिंस माता पिता का इकलौता बेटा था। मां की कोरोना के दौरान मौत हो गई। प्रिंस की मौत से घर पर मातम छाया है। रविवार सुबह 11 बजे प्रिंस कॉलोनी के रहने वाले मुन्ना, विवेक, विनय के साथ चूना दरी गया था। पिता के अनुसार दोपहर में दो बजे फोन पर प्रिंस से बात हुई थी तो वह वापस लौटने के लिए बोला था। शाम में उसकी मौत की खबर मिली।