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Varanasi: चूना दरी में डूबे वाराणसी के दो युवकों का हरिश्चंद्र घाट पर अंतिम संस्कार, दोस्तों-परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

Mon, 11 Jul 2022 02:11 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

मिर्जापुर जिले के चूना दरी प्रपात में स्नान के दौरान डूबे वाराणसी प्रिंस और संदीप का शव सोमवार सुबह हरिश्चंद्र घाट लाया गया। दोनों को उनके पिता ने मुखाग्नि दी। 
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चूना दरी में डूबे संदीप और प्रिंस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मिर्जापुर के चूना दरी जल जलप्रपात में रविवार को नहाने के दौरान वाराणसी के दो युवकों समेत तीन लोगों की मौत हो गई। सभी अपने दोस्तों के साथ जलप्रपात परिसर में झरने का लुत्फ उठाने पहुंचे थे। चितईपुर के सुसुवाही निवासी संदीप खरवार(26) और लंका के सामनेघाट मारुति नगर कॉलोनी निवासी सौरभ उर्फ प्रिंस (23 ) की मौत के बाद से दोस्तों और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

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प्रिंस और संदीप का शव पोस्टमार्टम होने के बाद  सोमवार सुबह पांच बजे उनके घर लाया गया। दोनों शवों का अंतिम संस्कार करने के लिए परिजन हरिश्चंद्र घाट पहुंचे। प्रिंस के शव को मुखाग्नि पिता प्रमोद सिंह ने दी। संदीप के शव को मुखाग्नि पिता जितेंद्र खरवार ने दी। दोनों की मौत से उनके परिजनों में कोहराम मचा है।  प्रिंस बीएचयू में संविदाकर्मी वार्ड बॉय के पद पर कार्यरत था। वहीं संदीप गुरुधाम स्थित मेडिकल स्टोर पर काम करता था। 

छोटे भाई की जिद के कारण संदीप गया था चूना दरी 
मालवीय नगर सुसुवाही निवासी संदीप खरवार के चाचा वीरेंद्र ने बताया कि संदीप का मन नहीं था कि वह चूना दरी जाए। छोटे भाई शुभम की जिद के चलते वह गया। काश शुभम ने जिद नहीं की होती तो यह दिन नहीं देखना पड़ता। संदीप और छोटा भाई शुभम खरवार साथ में चूनादरी घूमने गए थे।

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शुभम नहाते समय डूबने लगा, जिसे बचाने के लिए संदीप आगे आया, शुभम तो बच गया लेकिन संदीप डूब गया। संदीप के पिता प्राइवेट सुरक्षा एजेंसी में गार्ड जितेंद्र खरवार के अनुसार संदीप गुरुधाम स्थित मेडिकल स्टोर पर काम करता था। दो भाई और दो बहन में संदीप सबसे बड़ा था।  संदीप छह माह पहले शादी समारोह से लौटते समय सड़क दुर्घटना में घायल हुआ था। काफी दवा इलाज के बाद दो महीने पहले ठीक हुआ था। 
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प्रिंस की मौत के बाद घर का बुझ गया चिराग

सामनेघाट के मारुति नगर कॉलोनी निवासी प्रिंस की मौत के बाद घर का चिराग बुझ गया। वह बीएचयू में संविदाकर्मी वार्ड बॉय के पद पर प्रिंस कार्यरत था। प्रिंस के पिता लंका पर मेडिकल स्टोर चलाते हैं। दो बड़ी बहनों के बाद प्रिंस माता पिता का इकलौता बेटा था। मां की कोरोना के दौरान मौत हो गई। प्रिंस की मौत से घर पर मातम छाया है।  रविवार सुबह 11 बजे प्रिंस कॉलोनी के रहने वाले मुन्ना, विवेक, विनय के साथ चूना दरी गया था। पिता के अनुसार दोपहर में दो बजे फोन पर प्रिंस से बात हुई थी तो वह वापस लौटने के लिए बोला था। शाम में उसकी मौत की खबर मिली। 
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