सोमवार को सुबह से शाम तक जाम की जकड़न में लोगों को पसीना-पसीना होना पड़ा। सुबह होते ही बाबतपुर-कछवां मार्ग पर चक्काजाम से पांच किलोमीटर तक वाहनों की कतार लग गई। वजह, आरटीआे कर्मियों द्वारा ट्रक चालक की पिटाई। पांच घंटे की मशक्कत के बाद किसी तरह यहां जाम खुला तो उधर लंका थाना क्षेत्र के सीर में अतिक्रमण के मसले पर लोग विरोध में उतर आए और चक्काजाम कर दिया, जो दोपहर दो बजे से शाम छह बजे तक चला। इस बीच, डायरिया के प्रकोप से बच्ची की मौत के बाद भी साफ-सफाई और जलनिकासी का प्रबंध न कराए जाने से लोहता के रहीमपुर में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने वाराणसी-भदोही मार्ग पर आवाजाही ठप कर दी। शाम सवा छह बजे एसडीएम के आश्वासन पर किसी तरह लोग माने और आवागमन सामान्य हुआ।
क्षेत्र के रहीमपुर गांव में डायरिया से पीड़ित बच्ची सादिया (3) की मौत के बाद भी जिम्मेदारों ने जाम सीवर की सफाई की सुध नहीं ली। गंदगी-दुर्गंध और जलभराव से हालात बदतर हो गए हैं। प्रशासन और विभागीय अफसरों की उपेक्षा से आहत ग्रामीणों का गुस्सा सोमवार शाम फूट पड़ा।
लोहता, हर पालपुर, धन्नी पुर आदि गांवों में सीवर जाम और गंदगी से आजिज लोगों ने वाराणसी-भदोही मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। दरअसल, बच्ची की मौत के बाद सोमवार को सीएमओ डॉ. वीबी सिंह ने गांव पहुंचे थे। उन्होंने बच्ची के परिवारीजनों का हल जाना था। इस बीच सीएमओ द्वारा गांव का निरीक्षण न करने का आरोप लगाते हुए शाम चार बजे ग्रामीण सड़क पर उतर आए। डीएम के निर्देश पर काशी विद्यापीठ की बीडीओ कल्पना मिश्रा आैर एसडीएम सदर आर्यका अखौरी पहुंचीं। उनके आश्वासन पर शाम सवा छह बजे जाम खत्म हुआ। इसके बाद बीडीओ ने गांव का निरीक्षण भी किया। उन्होंने बताया कि मंगलवार को लोहता, हरपालपुर, धन्नीपुर और महमूदपुर के प्रधानों के साथ बैठक कर बुधवार से सफाई कराई जाएगी। चक्काजाम में शमीम नोमानी, वसीम अकरम, मुन्ना बाबू, मुबारक, शाहिद, नसीम, सद्दाम आदि शामिल थे। रहीमपुर में डायरिया पीड़ित बच्ची सादिया की मौत के बाद उसकी बहन रजिया भी चपेट में आ गई। उसे मंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
वहीं, बाबतपुर-कछवां मार्ग पर बड़ागांव थाने के समीप ट्रकों की चेकिंग कर रहे आरटीओ कर्मियों ने सोमवार सुबह करीब तीन बजे सोनभद्र से गिट्टी लाद कर आ रहे ट्रक के चालक अनिल कुमार को इस कदर पीटा कि उसका पैर टूट गया। आरटीओ कर्मियों की बेरहमी से नाराज अन्य ट्रक चालक विरोध में उतर आए और चक्काजाम कर दिया। सुबह सात बजे के करीब एसडीएम पिंडरा सुशील गौड़ मौके पर पहुंचे। उन्होंने आरटीओ कर्मी रामसागर और छह अज्ञात के खिलाफ मारपीट का मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। इसके बाद ट्रक चालकों ने चार घंटे बाद चक्काजाम समाप्त कर दिया। इससे सड़क के दोनों तरफ पांच किलोमीटर लंबी लाइन लग गई।
बड़ागांव थाने के सामने दो गाड़ियों में सवार आरटीओ कर्मी ओवरलोड ट्रकों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान सोनभद्र से गिट्टी लाद कर एक ट्रक आता हुआ दिखा तो आरटीओ कर्मियों ने उसे रुकने का इशारा किया। चकरघट्टा, चंदौली निवासी चालक अनिल कुमार ने बताया कि रफ्तार में होने के कारण ब्रेक लगाते-लगाते ट्रक थोड़ा आगे निकल गया। इससे आरटीओ वाले नाराज हो गए। उसे ट्रक से खींच लिया और उससे 25 हजार रुपये छीनकर उसे पीटने लगे। इस दौरान चालक का पैर टूट गया और वह सड़क पर गिर पड़ा। यह देख अन्य चालकों ने ट्रकों को आड़ा-तिरछा खड़ा कर बाबतपुर-कछवां मार्ग जाम कर दिया। उधर, आरटीओ रामफेर द्विवेदी ने बताया कि डीएम के आदेश पर वाहन चेकिंग की जा रही थी। इस दौरान एक चालक ट्रक से कूदकर भागने में घायल हो गया। मारपीट की बात आधारहीन है।