चालक इंजन और चार बोगी लेकर आगे निकल गया। करीब दो सौ मीटर आगे जाने के बाद जब पीछे नजर पड़ी तो सन्न रह गया। आनन-फानन में गाड़ी रोककर पीछे लर जाया गया। दोबारा कपलिंग जोड़कर मालगाड़ी आगे रवाना हुई।
संयोग था कि गाड़ी की रफ्तार धीमी थी, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। उधर, इस बीच रेलवे क्रासिंग का फाटक बंद रहने से सड़क मार्ग पर आवागमन ठप रहा। करीब आधे घण्टे तक वाहनों की क्रासिंग के दोनों तरफ लंबी कतार लगी रही।