जश्न-ए-आजादी की खुशी में बुधवार को भी जिले में कहीं स्वतंत्रता यात्रा निकली तो कहीं तिरंगा यात्रा। चोलापुर में शहीद स्मारक पर हुए आयोजन में आजादी के रणबांकुरों को नमन किया गया। डीएलडब्ल्यू केंद्रीय विद्यालय की आेर से निकली स्वतंत्रता यात्रा में कोई रानी लक्ष्मीबाई बना था तो कोई सरदार भगत सिंह। बच्चों ने अपने अनूठे अंदाज में देश्ा के वीर सपूतों को याद किया।
17 अगस्त, 1942 को शहीद हुए क्षेत्र के पांच सपूतों की याद में चार दशक से चली आ रही परंपरा के तहत आयोजित कार्यक्रम में श्रद्धांजलि अर्पित की गई। शहीद स्मारक पर आयोजित कार्यक्रम में क्षेत्रीय जनता और नेताओं ने पांचों रणबांकुरों की शहादत को याद किया और माला-फूल चढ़ाकर शीश झुकाया।
चोलापुर शहीद स्मारक पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. वीर बहादुर सिंह के बेटे बजरंग सिंह और कांग्रेस नेता सतीश चौबे की अगुवाई में शहीद दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर शहीद स्मारक और शहीदों के परिवारीजनों की शासन-प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए एक घंटे धरना भी दिया गया। कांग्रेस नेता का कहना था कि जिन शहीदों की वजह से हमें आजादी मिली, उनके स्मारक पर कभी भी प्रशासन अथवा सरकार का कोई नुमाइंदा माला चढ़ाने तक नहीं आता। कहा गया कि पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चोलापुर थाने पर आने के बाद भी शहीद स्मारक तक आने की जहमत नहीं उठा सके। इस पर वीर शहीदों का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान का नाला लगाकर लोगों ने क्षोभ भी जताया। कार्यक्रम में ऋषि सिंह, दिलीप चौबे, बैजनाथ सिंह, लालजी सोनकर, श्वेतकमल चौबे, अशोक पांडेय, अरविंद सिंह, प्रेमशंकर पांडेय, गुलाब यादव, कमलेश सिंह, अखिलेश सिंह, वसीम अंसारी और बबुआ जायसवाल आदि मौजूद थे।