इसके बाद 19 जून 2025 को आरोपियों ने 50 हजार रुपये नकद लिए। पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों ने उसे 25 जून को दुबई भेजने का आश्वासन दिया। बताया गया कि उसे पर्यटक वीजा पर दुबई भेजा जाएगा और वहां उनका एजेंट लिबिया का कार्य वीजा दिला देगा। आरोपियों के कहने पर पीड़ित ने अपने भाई के माध्यम से उनके खातों में आगे का भुगतान भी किया।
गुलाब साहनी के मुताबिक, दुबई पहुंचने के बाद आरोपियों की ओर से बताए गए होटल में पहुंचा तो वहां उसके नाम से कोई बुकिंग नहीं मिली। होटल का दिया गया बाउचर भी फर्जी निकला। इसके बाद वहां नितिन अरोरा का एजेंट सिराजुद्दीन मिला। आरोप है कि उसने पीड़ित को एक श्रमिक शिविर में रखा।
पीड़ित का आरोप है कि काफी दिन बीतने के बाद भी न तो उसे नौकरी दिलाई गई और न ही कार्य वीजा उपलब्ध कराया गया। इस दौरान एजेंट ने उसका पासपोर्ट भी अपने पास रख लिया। पुलिस में शिकायत करने की चेतावनी देने के बाद ही पासपोर्ट वापस किया गया। इसके बाद वह भारत लौट आया।
भारत आने के बाद गुलाब साहनी ने आरोपियों से अपने रुपये वापस मांगे। आरोप है कि इस पर आरोपियों ने उसके साथ गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की।
रामनगर इंस्पेक्टर संजय कुमार मिश्रा ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर नितिन अरोरा, अमित अरोरा, रमन कुमार और सिराजुद्दीन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।