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UP: एक करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी, आरोपी को सात वर्ष की सजा; अदालत ने 91 लाख रुपये अर्थदंड लगाया

Sat, 30 May 2026 09:19 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़।

सार

Azamgarh News: जमीन खरीद-फरोख्त के कारोबार में साझेदारी का झांसा देकर एक करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी करने के मामले में अदालत ने आरोपी को सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 91 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया। न्यायालय ने जुर्माने की पूरी राशि पीड़ित को क्षतिपूर्ति के रूप में भुगतान करने का आदेश दिया है।
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न्याय मिलने के साथ अपने अधिवक्ता के साथ भुक्तभोगी। - फोटो : संवाद
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UP News: जमीन खरीद-फरोख्त के कारोबार में साझेदारी का झांसा देकर एक करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी करने के मामले में अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सात वर्ष के कठोर कारावास और 91 लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। न्यायालय ने जुर्माने की पूरी राशि पीड़ित को भुगतान करने का भी आदेश दिया है।

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यह फैसला अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट संख्या-11 के न्यायाधीश अंकित वर्मा ने शनिवार को सुनाया। अभियोजन पक्ष के अनुसार फूलपुर थाना क्षेत्र के टेउंगा निवासी इमरान अहमद की मुलाकात जहानागंज थाना क्षेत्र के गंभीरवन निवासी सुभाष चौबे से हुई थी। बातचीत के दौरान सुभाष चौबे ने इमरान अहमद को जमीन खरीद-फरोख्त के कारोबार में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी पर भागीदार बनाने का प्रस्ताव दिया।

विश्वास दिलाने के लिए आरोपी ने लखनऊ स्थित एक ट्रस्ट से संबंधित पावर ऑफ अटॉर्नी के दस्तावेज भी दिखाए। इसके बाद दो फरवरी 2008 को दोनों के बीच लिखित समझौता हुआ। समझौते के आधार पर इमरान अहमद ने विभिन्न किश्तों में आरोपी को कुल एक करोड़ 24 लाख रुपये दे दिए।

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अभियोजन के मुताबिक रकम प्राप्त करने के बाद आरोपी ने न तो कोई जमीन खरीदी और न ही कारोबार शुरू किया। जब इमरान अहमद ने अपने रुपये वापस मांगे तो आरोपी ने भुगतान के लिए कुछ चेक दिए, लेकिन बैंक में प्रस्तुत करने पर सभी चेक बाउंस हो गए। खुद को ठगा महसूस करने पर पीड़ित ने सात दिसंबर 2010 को फूलपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई।

मामले की विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने सात गवाहों को परीक्षित कराया और दस्तावेजी साक्ष्य भी प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को धोखाधड़ी का दोषी पाया।

न्यायालय ने सुभाष चौबे को सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाते हुए 91 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया। साथ ही आदेश दिया कि जुर्माने के रूप में वसूल की गई पूरी धनराशि पीड़ित इमरान अहमद को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाए। अदालत के फैसले के बाद मामले का लंबा कानूनी विवाद समाप्त हो गया।
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