गैंगस्टर एक्ट में चार साल की सजा, पांच हजार रुपये जुर्माना
वाराणसी। विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) मनोज कुमार सिंह की अदालत ने गैंगस्टर एक्ट के मामले में वीरभानपुर रोहनिया निवासी आदित्य को दोषी करार दिया। साथ ही उसे चार साल की सजा सुनाई। पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
एडीजीसी के मुताबिक 15 सितंबर 2020 को प्रभारी एसएसआई जमीलुद्दीन खान क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें सूचना मिली कि क्षेत्र का बदमाश विकास उर्फ छोटू का एक संगठित गिरोह है। गिरोह का सक्रिय सदस्य आदित्य है। गिरोह के सदस्य आर्थिक एवं भौतिक लाभ के लिए चोरी, लूट समेत अन्य घटनाओं को अंजाम देते हैं। इनके खिलाफ विभिन्न थानों में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसके बाद आदित्य के खिलाफ रोहनिया थाने में गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
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गैंगस्टर मामले में अभिषेक सिंह हनी को मिली जमानत
वाराणसी। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (द्वितीय) साकेत मिश्रा की अदालत ने रंगदारी के पुराने मामले में गैंगस्टर के आरोपी अभिषेक सिंह हनी को 50-50 हजार रुपये की दो जमानतें एवं बंधपत्र देने पर रिहा करने का आदेश दिया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार वर्ष 2012 में कोतवाली थाना क्षेत्र के मध्यमेश्वर निवासी श्रवण जायसवाल ने कोतवाली थाने में अभिषेक सिंह हनी के खिलाफ रंगदारी मांगने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया था। मामले में जमानत मिलने के बाद से ही आरोपी अदालत में हाजिर नहीं हो रहा था। इसके बाद उसके खिलाफ इसी मामले में अदालत ने गैर जमानती वारंट जारी किया था। अभिषेक सिंह हनी बीते शुक्रवार को वारंट निरस्त कराने की अर्जी लेकर अदालत पहुंचा था, जिसे अदालत ने अस्वीकार करते हुए न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया था। अभिषेक सिंह हनी के खिलाफ कुल 34 मुकदमे दर्ज हैं।