सूचना के आधार पर दरोगा सुशील पांडेय, योगेंद्र यादव, अतुल मिश्र व अमित पांडेय और कांस्टेबल आशुतोष सिंह व पंकज सिंह के साथ घेराबंदी कर चारों को पकड़ा गया। चारों मिर्जापुर के शहर कोतवाली क्षेत्र के कजरहवा व गोसाई तालाब और कटरा कोतवाली क्षेत्र के लालडिग्गी व शुक्लहां के रहने वाले हैं। तीन की उम्र 16 वर्ष और एक की उम्र 15 वर्ष है।
पुलिस की पूछताछ में चारों किशोरों ने बताया कि वह नेशनल हाईवे पर रात में 10 बजे के बाद बनारस, भदोही और प्रयागराज तक घूमते रहते थे। घर पर बता देते थे कि दोस्त के यहां जा रहे हैं। बाइक पर सवार होकर कोई अकेले जाता दिखता था तो उसे ओवरटेक कर रोक लेते थे और मारपीट कर रुपये व मोबाइल छीन लेते थे।
लूटा गया मोबाइल मिर्जापुर में ही बेच देते थे। जो पैसा मिलता था, उसे आपस में बांट करके चारों मौज-मस्ती करने के साथ ही अपनी-अपनी गर्लफ्रेंड पर खर्च करते थे। चारों ने बताया कि वह बीते छह-सात महीने से हाईवे पर लूटपाट का काम कर रहे हैं, लेकिन पहली बार पकड़े गए हैं।