शहर के कचरा प्रबंधन का जायजा लेने आए केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के संयुक्त सचिव प्रवीण प्रकाश और उपसचिव सुमित गाखड़ शनिवार को पूरे तेवर में थे।
रमना कूड़ा डंपिंग ग्राउंड का निरीक्षण करने पहुंचे प्रवीण प्रकाश ने वहां का हाल देखकर नगर निगम तथा सीएंडडीएस के अधिकारियों को जमकर खरीखोटी सुनाई। साथ ही 31 मार्च तक रमना में लैंड फि लिंग का काम हर हाल में पूरा करने को कहा।
संयुक्त सचिव ने सीएंडडीएस के सहायक अभियंता एके सिंह और अपर नगर आयुक्त बीके द्विवेदी से पूछा कि आठ जुलाई के बाद से अब तक काम क्यों नहीं शुरू हुआ?
रमना में जमीन समतल करने के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट क्यों नहीं भेजी गई? एटूजेड के बचे 10 करोड़ रुपये कचरा प्रबंधन पर क्यों नहीं खर्च हुए?
संयुक्त सचिव के इन सवालों पर सीएंडडीएस और नगर निगम के अधिकारी कोई ठोस जवाब नहीं दे सके। सहायक अभियंता के बार-बार सॉरी बोलने पर वे झल्ला गए और कहा कि कुछ तो करो, कब करोगे, कुछ तो जिम्मेदारी समझो।
उन्होंने कहा कि बहानेबाजी बंद करिए और हर हाल में 31 मार्च तक कचरा प्रबंधन के लिए लैंड फिलिंग का काम पूरा कराएं।
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 12 दिसंबर को प्रस्तावित काशी यात्रा के मद्देनजर शहरी विकास मंत्रालय के संयुक्त सचिव प्रवीण प्रकाश और उपसचिव सुमित गाखड़ केंद्रीय योजनाओं का हाल जानने के लिए शनिवार को शहर में थे।
सबसे पहले सुबह बीएचयू में स्वच्छता का जायजा लेने के बाद दोनों अधिकारी सीधे रमना कूड़ा डंपिंग ग्राउंड पर पहुंचे। वहां सीएंडडीएस के सहायक अभियंता एके सिंह से पूछा कि पूरे ग्राउंड पर कितने मिट्रिक टन कूड़ा होगा।
उसकी भी सही जानकारी अभियंता नहीं दे सके। गड्ढे खोदकर कूड़े को रखने के लिए लैंडफील का काम कब तक पूरा हो जाएगा। एके सिंह ने रमना में नगर निगम से जमीन हैंडओवर न होने का मुद्दा उठाया।
इस पर अपर नगर आयुक्त ने मौके पर जमीन उपलब्ध कराने की सहमति दे दी। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि अगली बार कब आएं, इस पर सीएंडडीएस के अभियंता ने चार महीने का समय और देने के लिए संयुक्त सचिव से अनुरोध किया।
इस पर संयुक्त सचिव ने 31 मार्च तक का समय दिया और कहा कि वे अगली बार एक अप्रैल को इसका निरीक्षण करेंगे। चेताया कि अगली बार 10 करोड़ रुपये कचरा प्रबंधन पर खर्च हो जाने चाहिए और बैंक में जीरो बैलेंस होना चाहिए।
पूछा कि इस रुपये से डस्टबीन, कूड़ा ट्राली क्यों नहीं खरीदी गई। सफाईकर्मियों की नियुक्ति क्यों नहीं हुई। उन्होंने कहा कि अपर नगर आयुक्त बीके द्विवेदी, प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी मो समी और सीएंडीएस के सहायक अभियंता एके सिंह का तबादला ने करने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव को पत्र लिखेंगे।