देव दिवाली के लिए कैंट स्टेशन पहुंचे चार लाख यात्री
- फोटो : संवाद
कार्तिक पूर्णिमा और देव दीपावली की भीड़ के कारण कैंट रेलवे स्टेशन पर सोमवार की सुबह पानी की किल्लत हो गई। सुबह से रात तक लगभग चार लाख यात्रियों की आवाजाही हुई। स्टेशन पर 500 टोटियों से लगातार पानी की खपत होने और बार-बार पंप चलने से एक पंप जल गया। इससे सुबह से दोपहर तक यात्रियों को पानी के लिए परेशान होना पड़ा। शौचालय में पानी नहीं होने से यात्रियों को दिक्कत हुई। दोपहर एक बजे के बाद पंप की मरम्मत होने पर पानी का संकट दूर हुआ। बिहार-झारखंड आवाजाही करने वाली ट्रेनें ठसाठस रहीं। वहीं, सर्कुलेटिंग एरिया में पैर रखने तक की जगह नहीं थी। उधर, सिटी स्टेशन और बनारस स्टेशन पर भी काफी भीड़ रही।
रविवार की रात से ही स्टेशन पर गंगा स्नान करने वाले श्रद्धालुओं और देव दीपावली देखने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी। आम दिनों की अपेक्षा चार गुना यात्रियों की आवाजाही से पेयजल की किल्लत हुई। सुबह तीन-चार बजे से शौचालयों की टोटियां, पेयजल बूथ की टोटियां खुली तो फिर उसे बंद करने का मौका ही नहीं मिला। क्योंकि यात्रियों की लंबी लाइन लगी हुई थी। इस बीच वाटर पंप भी खराब हो गया। उसे ठीक करने में तीन से चार घंटे लग गए। इस बीच यात्रियों को पानी संबंधित दिक्कतें हुई। स्टेशन निदेशक गौरव दीक्षित ने बताया कि पंप की खराबी के चलते पानी की दिक्कत हुई थी।
एस्केलेटर पर फिसलती रहीं महिलाएं
यात्री हाल में लगे एस्केलेटर और नौ नंबर की तरफ से ऐस्केलेटर पर चढ़ने के दौरान कई महिला यात्री फिसल गईं। हालांकि एस्केलेटर के पास तैनात आरपीएफ जवानों ने उन्हें संभाला। आरपीएफ की महिला आरक्षी महिलाओं को सीढ़ी से चढ़ने के लिए प्रेरित करती रहीं।
यूरिनल का भी यात्रियों से लिया पांच रुपये शुल्क
कैंट स्टेशन पर भीड़ का फायदा शौचालय वालों ने खूब उठाया। यात्री हॉल समेत परिसर स्थित शौचालय में यूरिनल का भी पांच-पांच रुपये यात्रियों से वसूला गया। जबकि यूरिनल नि:शुल्क है। बिहार के बक्सर निवासी दिव्यांग बबलू कुमार से भी यूरिनल का पैसा लिया गया।
ए बचवा... ई ट्रेन बिहार जाई का
कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान करने वाली महिला यात्रियों की संख्या सबसे अधिक रहीं। पूछताछ काउंटर पर भीड़ होने के चलते बुजुर्ग महिलाएं बिहार जाने वाली ट्रेनों के बारे में जानकारी लेती रहीं। कभी कुली तो कभी खानपान स्टाल पर पहुंचकर पूछती रहीं कि ए बचवा...ई ट्रेन बिहार जाई का.. उन्हें सही जानकारी देकर संबंधित प्लेटफार्म भेजा जाता रहा।