चार घंटे खोदाई और 18 घंटे फजीहत आम जनता झेल रही है। कहीं बिजली तो कहीं चौका बिछाने के नाम पर सड़कों की खोदाई की जा रही है। खासकर यह खोदाई रात 12 बजे से लेकर 4 बजे भोर तक होती है। इसके बाद मिट्टी पाटकर चले जाते हैं। इस चक्कर में 18 घंटे तक आम जनता धूल और धुआं से परेशान रहती है। इसका नजारा शहर के कई इलाकों में देखा जा सकता है।
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सिगरा पर नगर निगम कार्यालय के पास ही खोदाई की गई है। इसी प्रकार रवींद्रपुरी, सिद्धगिरीबाग आदि में इलाकों में धूल और धुआं लोग झेल रहे हैं। सड़क को खोद कर छोड़ दिया गया है। सड़क किनारे गिट्टियों का ढेर लगा दिया है। यहां बिजली का तार डालने के लिए खोदाई करके छोड़ दिया गया है।
क्षेत्र के सत्यम ने कहा कि बनारस की सड़कों की हालत सुधरने वाली नहीं है। यहां की सड़कें साल भर खोदी जाती हैं और मरम्मत होती है। इसका खामियाजा जनता भुगतती है।
इसके बाद उसे पूरी तरह से बनाने के बाद आगे की सड़क खोदते। तो, इतनी परेशानी जनता को न झेलनी पड़ती। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता केके सिंह ने बताया कि खोदाई की गई सड़कों को चलने लायक बनाया जा रहा है।