1.78 लाख रुपये निवेश कराए, फिर हड़पे
1.78 लाख रुपये की धोखाधड़ी और फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी देने के मामले में सिगरा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। भोजूबीर सब्जी मंडी निवासी हिमांशु जायसवाल ने पुलिस को बताया कि अपने दोस्त राघव सोनकर के माध्यम से सिद्धगिरीबाग निवासी रजत सोनकर और कोल्हुआ विनायका के निहाल सोनकर की सिगरा स्थित कंपनी श्री बालाजी डेवलपर्स व मनी साइट्स में 178000 रुपये का निवेश किया था।
फाइनेंस कंपनी के खिलाफ दर्ज किया केस
अशोक नगर, सारनाथ की रहने वाली सरोज देवी की तहरीर पर सिगरा स्थित हिंदूजा फाइनेंस की शाखा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। सिगरा थाने की पुलिस मामले की जांच कर रही है। सरोज देवी ने पुलिस को बताया कि उनके दिवंगत पति ने हिंदूजा हाउसिंग फाइनेंस, सिगरा में प्रॉपर्टी का पेपर बंधक रखकर 570140 रुपये का होम लोन 10 साल के लिए लिया था।
कंपनी ने उनके पति का 10 वर्ष का बीमा भी किया, लेकिन सभी दस्तावेज अपने पास ही रखा। 19 जून 2021 को उनके पति की मौत हो गई। पति की मौत के बाद उनका मृत्यु प्रमाण पत्र और सभी दस्तावेज फाइनेंस कंपनी को दे दिया गया। पति की मृत्यु के छह महीने बाद फाइनेंस कंपनी ने 100000 रुपये आर्थिक सहयोग के नाम पर दिया। वह 100000 रुपये का चेक बैंक में जमा करने पर उन्हें मात्र 79000 रुपये मिले। बाद में फाइनेंस कंपनी द्वारा उन्हें बताया गया कि उनके पति के नाम पर दो लोन है। इसके साथ ही अब बंधक रखी गई प्रॉपर्टी को नीलाम करने की धमकी दी जा रही है।
नौकरी के नाम पर हड़पे 14 लाख, 7 पर केस
युवक को नौकरी दिलाने के नाम पर उसके परिचितों ने लगभग 14 लाख रुपये का चूना लगा दिया। युवक को न नौकरी न मिली और न उसके रुपये मिले। पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो युवक ने न्याय के लिए न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। न्यायालय के आदेश पर पांच नामजद और दो अज्ञात पर मुकदमा दर्ज किया गया है।
मऊ के बहादुरपुर के रहने वाले राहुल कुमार ने बताया कि कुशीनगर निवासी अभिषेक मिश्रा उर्फ सोनू और उसके मित्र अरुन चौधरी, राहुल चौधरी, सुनील कुमार, सुनील सिंह व उसके दो अन्य साथियों से मुलाकात के दौरान उसे नौकरी दिलाने की बात कही गई। इसके बदले में उससे 15 लाख रुपये की मांग की गई। उसने अरुण चौधरी और सुनील चौधरी के खाते में 13 लाख 82 हजार 500 रुपये ट्रांसफर किया। लंबा समय बीतने के बाद भी नौकरी नहीं लगी तो उसने अपना पैसा मांगा। इस पर उसे जातिसूचक गाली देते हुए पैसा भूल जाने को कहा गया।