मामले में पुलिस ने हत्या समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज करने के बाद आरोप पत्र न्यायालय में भेजा। वहां दोनों पक्षों के बयान के बाद न्यायाधीश पीएन श्रीवास्तव की अदालत ने रामकमल शुक्ला, उपेंद्र कुमार शुक्ला, पंकज शुक्ला और विनोद शुक्ला को आजीवन कारावास और 25-25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की तरफ से शासकीय अधिवक्ता विकास नारायण सिंह ने पैरवी की।