अध्यक्ष जी के जाने के बाद संबल देती थी कृपा बाबा की छत्रछायाः रविशंकर सिंह पप्पू
चंद्रशेखर उद्यान में शेखर फाउंडेशन के तत्वावधान में शोक सभा आयोजित की गई। इस मौके पर विधान परिषद सदस्य रवि शंकर सिंह पप्पू ने उनके चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित किया। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष जी (पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर) के जाने के बाद कृपा बाबा की छत्रछाया हमें संबल देती थी। लेकिन आज वे भी हमें छोड़कर चले गए। उनका जाना हमारे परिवार के लिए बहुत बड़ी क्षति है। इसकी भरपाई संभव नहीं है। वे हमारे लिए वट वृक्ष के समान थे। हर मुश्किल घड़ी में हमारे साथ खड़े रहते थे।
समाजवादी विचारधारा से जुड़े लोगों के प्रति उनका स्नेह और लगाव सर्वविदित था। अध्यक्ष जी की ही तरह कभी किसी पद की लालसा नहीं रखने वाले कृपा बाबा की कमी को अब कोई भर नहीं पाएगा। इस मौके पर पूर्व ब्लॉक प्रमुख अनिल सिंह, अनिरुद्ध सिंह, मनोज सिंह, आलोक सिंह झुनझुन, उत्कर्ष सिंह, अमित सिंह बघेल, रविशंकर सिंह पिक्कू, विनोद सिंह, सुरेन्द्र कन्नौजिया, तेजा सिंह, जितेन्द्र सिंह, विशाल नरायन सिंह आदि ने कृपा शंकर सिंह के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किया।
बलिया वालों को अभिभावक जैसा स्नेह देते थे कृपाजीः रामगोविंद
सपा के वरिष्ठ नेता व उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी ने भी कृपाशंकर सिंह के आकस्मिक निधन पर गहरा दुख प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि कृपाशंकर बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी थे। उनके मृदुभाषी व्यक्तित्व व समतामूलक विचारधारा को भुलाया नहीं जा सकता। वे पूर्व प्रधानमंत्री चन्द्रशेखर की राजनीतिक व्यवस्थाओं को बखूबी संभालते थे। बलिया के लोगों को दिल्ली में वे एक अभिभावक सा अपनत्व देते थे।
रामगोविंद ने कहा कि कई दिनों तक हम लोगों ने दिन रात जाग कर चन्द्रशेखर के प्रधानमंत्री के कार्यकाल के दौरान अनेकों कार्यक्रम को संचालित किया था। उनके स्नेह, सहयोग और आत्मियता को भुलाना अत्यंत कठिन होगा। सपा नेता एव सजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष जयदीप यादव, राणा प्रताप सिंह, निर्मल सिंह, सुशील कुमार पाण्डेय कान्हजी जी आदि ने भी शोक संवेदना व्यक्त किया है।
यूनिवर्सिटी में भी हुई शोक सभा
कृपाशंकर सिंह की मौत के बाद जिले में शोक सभा कर उनको श्रद्धांजलि दी गई। जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय में अतुल सिंह की अध्यक्षता में हुई शोक सभा में कृपा शंकर सिंह के व्यक्तित्व व कृतित्व की चर्चा करते हुए निधन पर गहरा दुख प्रकट किया गया। विधान परिषद सदस्य रविशंकर सिंह पप्पू के प्रतिनिधि रविशंकर प्रभात, पिक्कू सिंह ने निधन को अपूरणीय क्षति बताया।