कांग्रेस छोड़कर तृणमूल (टीएमसी) में शामिल होने वाले पूर्व विधायक ललितेशपति त्रिपाठी ने कहा कि जिन ताकतों से असहमत रहा, उनसे समझौता संभव नहीं है। मैं काशी की धरती का बेटा हूं और काशी की पहचान कभी राजसत्तात्मक नहीं है। पिछले कुछ सालों से काशी के स्वरूप और मिजाज को बदलने की जो कोशिश हो रही है, वह चिंता का विषय है।
उन्होंने आरोप लगाया कि काशी को नागपुर और गंगा घाटों को चौपाटी बनाने का षड्यंत्र चल रहा है। ललितेश ने कहा कि कांग्रेस छोड़ने का फैसला मेरे लिए पद और सत्ता की किसी सौदेबाजी के लिए उठाया गया कदम नहीं था। हमारा उद्देश्य साफ है कि हम गांधी नेहरू की विचारधारा और अपने परदादा पं. कमलापति त्रिपाठी से मिले आदर्शों के माध्यम से जनसेवा की राजनीतिक भूमिका निभा सकें।
पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के नेतृत्व में यह कार्य बखूबी संभव है, क्योंकि उन्होंने सांप्रदायिक एवं लोकतंत्र विरोधी राजनीतिक शक्तियों से सीधा टकराने की मिसाल हम सबके सामने रखी है। तृणमूल कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नीरज राय ने कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अगले महीने बनारस दौरे पर आएंगी।
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