आपराधिक मामलों को छुपाकर ठेकेदारी के लिए चरित्र प्रमाण पत्र जारी करने के एक मामले में एडीजीपी के आदेश पर हुई जांच में पूर्व कोतवाल मऊ पर दोष सिद्ध हुआ है। जांच एसपी सिटी आजमगढ़ को दी गई थी। पूर्व कोतवाल मऊ ने ठेकेदारी के लिए माफिया मुख्तार के करीबी का चरित्र प्रमाण पत्र आपराधिक तथ्यों को छुपा कर जारी किया था। इसकी शिकायत एडीजीपी से हुई थी।
मऊ जिले के सरायलखंसी थाना क्षेत्र के बहरीपुर गांव निवासी संतोष कुमार सिंह ने अपर पुलिस महानिदेशक को एक शिकायती पत्र दिया। इसमें उल्लेख किया कि प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर मऊ राम सिंह ने अपने लाभ के लिए विधायक मुख्तार अंसारी के संरक्षण प्राप्त ठेकेदारों को ठेकेदारी करने के लिए उनकी पत्नी व पिता के नाम चरित्र प्रमाण पत्र हेतु संस्तुति की थी। जबकि रेखा सिंह, कमला सिंह, सुमन सिंह के पति व पुत्रों के विरुद्ध कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। विधायक मुख्तार अंसारी के संरक्षण में रहकर रेखा सिंह, कमला सिंह व सुमन सिंह के परिजनों द्वारा करोड़ों की संपत्ति अर्जित की गई है।
शिकायती पत्र के माध्यम से संतोष कुमार सिंह ने प्रकरण की जांच कर कार्रवाई की मांग की थी। इस पर एडीजीपी ने एसपी आजमगढ़ से मामले की जांच कर रिपोर्ट मांगी। एसपी आजमगढ़ अनुराग आर्य ने मामले की जांच अपर पुलिस अधीक्षक नगर आजमगढ़ शैलेंद्र लाल को सौंपी थी। एसपी सिटी ने शिकायतकर्ता व निरीक्षक राम सिंह का बयान लेने के साथ ही सभी अभिलेखों की जांच पड़ताल की। इसमें शिकायत सही पाई गई। इसके बाद एसपी सिटी ने अपनी रिपोर्ट एसपी आजमगढ़ को प्रेषित कर दी। दोष सिद्घ निरीक्षक राम सिंह वर्तमान में क्राइम ब्रांच मऊ में तैनात हैं। उन्होंने मुख्तार के प्रभाव में आकर चरित्र प्रमाण पत्र के लिए गलत रिपोर्ट अंकित की थी। एसपी अनुराग आर्य ने बताया कि जांच की कवायद पूरी कर जांच आख्या एडीजीपी को भेज दी गई है।