आईआईटी बीएचयू पहुंचीं पूर्व आईएएस तनु जैन
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जागृति-25 इवेंट के दूसरे दिन 2015 बैच की आईएएस रहीं दिल्ली की तनु जैन आईआईटी बीएचयू पहुंची। डेंटिस्ट डॉक्टर और सात साल आईएएस रहने के बाद इस्तीफा दे चुकीं तनु जैन ने कहा कि सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी जिंदगी भर की नहीं, बल्कि अपने आप में पूरी जिंदगी की पढ़ाई करने जैसी है।
उमर उजाला से बातचीत में उन्होंने कहा कि सिविल सेवा का पैटर्न और सवाल पूछने का तरीका बदल रहा है, इसलिए हर पल अपडेट रहने और लगातार पढ़ाई करने वाले अभ्यर्थियों के सेलेक्शन का ग्राफ बढ़ा है। हिंदी के छात्रों को भाषा से घबराने की बजाय परीक्षा में जो पूछा जा रहा है उसका जवाब देना चाहिए। तनु जैन ने 12वीं कैंब्रिज स्कूल से की है। बीडीएस की पढ़ाई मेरठ से करने के बाद 2015 में आईएएस बनीं।
सिविल सेवा की परीक्षाओं में क्या बदलाव आए हैं?
पैटर्न बदला है। सवाल पूछने का तरीका बदल रहा है। लॉजिकल सवाल आ रहे हैं। ऐसा बनाने की कोशिश है कि जो अभ्यर्थी लगातार तैयारी में लगा है और जो जागरूक है उसी का चयन हो।
सिविल सेवा की मुख्य परीक्षा में कौन सा विषय सबसे ज्यादा स्कोरिंग है?
सारे विषय स्कोरिंग होते हैं। यूजी या पीजी वाले विषयों का ही चयन करें।
यूजी-पीजी में किन विषयों को रखे, ताकि ऑप्शनल सब्जेक्ट की तैयारी में आसानी हो?
इंग्लिश अच्छी है तो स्नातक में अंग्रेजी ऑनर्स लें। जिनकी गणित अच्छी हो तो वही विषय लेकर मेंस एग्जाम दें। मैं फिलॉसफी पढ़ाती हूं।
ऑप्शनल में कौन सा विषय लेना फायदेमंद होगा?
जिसको जो पसंद आए उससे पढ़ाई करे और परीक्षा दे। अच्छा नंबर तभी आता है। ऐसे विषय को लेकर मेन परीक्षा की तैयारी हरगिज न करे, जो पढ़ाई में बोझिल लगते हों।
यूपीएससी की पढ़ाई क्या कॉलेजों-यूनिवर्सिटी से अलग है?
जिसे इतिहास नहीं पता वो दोबारा इतिहास की गलतियां करेगा। सिविल सर्विसेज की पढ़ाई आपके सामान्य जीवन से जुड़ी होती है। रोजमर्रा वाली पढ़ाई करनी होती है। वर्तमान प्रासंगिकता भी होती है। सिविल सेवा की पढ़ाई अपने आप में पूरी जिंदगी की पढ़ाई है।
हिंदी माध्यम के छात्रों के सेलेक्शन का ग्राफ कैसे बढ़ेगा?
परीक्षा फोकस्ड होना होगा। तैयारी को काफी ऑब्जेक्टिव रखनी है। परीक्षा में क्या पूछा जा रहा है, उस चीज की तैयारी करनी है। ये स्किल्ड और व्यावहारिक होते हैं।