टीम इंडिया के पूर्व तेज गेंदबाज प्रवीण कुमार ने वाराणसी में विवादित बयान दिया है। उनका कहना है कि क्रिकेट महिलाओं का खेल नहीं है। शुरू से ही क्रिकेट पुरुषों का ही खेल रहा है।
रविवार को बाबतपुर स्थित एमआर जैपुरिया स्कूल के वार्षिकोत्सव में पत्रकारों से बातचीत के दौरान प्रवीण कुमार ने महिलाओं के क्रिकेट खेलने को सही नहीं माना। कहा, महिलाओं को क्रिकेट नहीं खेलना चाहिए। हालांकि उन्होंने महिला क्रिकेट टीम बेहतर प्रदर्शन की प्रशंसा की।
कपिलदेव को आदर्श मानने वाले प्रवीण कुमार ने कहा कि क्रिके ट के लिए उन्होंने दसवीं की परीक्षा भी छोड़ दी थी। पढ़ाई बहुत ज्यादा नहीं होने का अफसोस नहीं है।
क्रिकेटर बनने का सपना पूरा हो गया। भारतीय टीम में जब मेरा चयन हुआ तो वह लम्हा मेरे लिए सबसे यादगार था। अगर वह क्रिकेटर नहीं होते तो शूटर बनते। शूटिंग उनका सबसे पसंदीदा खेल है। वह आज भी फायरिंग रेंज पर शूटिंग का नियमित अभ्यास करते हैं।