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वाराणसी पुलिस का कारनामा, दो साल बाद चला पता कि कहां है कचहरी

Sat, 02 Feb 2019 02:06 AM IST
Sayali Maurya न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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यूपी पुलिस
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वाराणसी पुलिस अपनी अजीबोगरीब कार्यशैली को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहती है। ताजा मामला भेलूपुर थाने की पुलिस से जुड़ा हुआ है। जिसमें पुलिस को सवा दो साल बाद पता चला कि कचहरी कहां स्थित है।
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धमकी से संबंधित मुकदमा दर्ज करने के सवा दो साल बाद अचानक पुलिस को पता लगा कि दीवानी कचहरी कैंट थाना क्षेत्र में आती है। सामान्य ज्ञान दुरुस्त हुआ तो यह पता नहीं लग पाया कि बीते साल 50 हजार के इनामी रईस बनारसी की दशाश्वमेध क्षेत्र में हत्या की जा चुकी है। 

नतीजतन, भेलूपुर थाने से आई रिपोर्ट पर शुक्रवार को कैंट थाने में मृत रईस बनारसी और एक लाख के इनामी बदमाश दीपक वर्मा के खिलाफ धमकी का मुकदमा दर्ज किया गया।
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 भेलूपुर थाना अंतर्गत तुलसीपुर क्षेत्र में तीन नवंबर 2015 की रात भाजपा पार्षद शिव सेठ की हत्या कर दी गई थी। 

शिव सेठ के भाई नरेंद्र सेठ द्वारा 15 दिसंबर 2016 को दी गई तहरीर के आधार पर भेलूपुर थाने में रईस बनारसी और दीपक वर्मा के खिलाफ धमकाने का मुकदमा दर्ज किया गया था। नरेंद्र का आरोप था कि मुकदमे की पैरवी के लिए जाने के दौरान उसे कचहरी परिसर में रईस और दीपक दिखाई देते हैं। 

अज्ञात लोग बाइक से उसका पीछा करते हैं और उसकी हत्या की धमकी दी जा रही है। भेलूपुर पुलिस ने जांच तो शुरू की, लेकिन दो साल तक यह पता ही नहीं लग पाया कि कचहरी कहां हैं और रईस बनारसी जिंदा है या नहीं...। 
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इस संबंध में इंस्पेक्टर कैंट ने बताया कि कैंट थाना क्षेत्र में कचहरी होने के कारण भेलूपुर थाने से मुकदमा स्थानांतरित होकर आया है। नया एफआईआर नंबर दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। रईस की हत्या हो जाने की वजह से उसके खिलाफ मुकदमा खारिज हो जाएगा और दीपक के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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