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UP: पूर्व खिलाड़ी ने प्रॉक्टोरियल बोर्ड पर लगाया कपड़े बदलते समय वीडियो बनाने का आरोप, 8 जुलाई को होगी सुनवाई

Sun, 05 Jul 2026 12:30 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: बीएचयू की एक पूर्व महिला खिलाड़ी ने प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सुरक्षाधिकारी समेत सात लोगों पर कपड़े बदलते समय वीडियो बनाने, यौन उत्पीड़न और मारपीट का आरोप लगाते हुए सीजेएम कोर्ट में परिवाद दाखिल किया है। अदालत ने शिकायत स्वीकार कर 8 जुलाई को सुनवाई की तिथि तय की है और एक सुरक्षाधिकारी को नोटिस जारी किया है।
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वाराणसी कोर्ट। - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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Varanasi Crime: बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) की एक पूर्व महिला खिलाड़ी ने विश्वविद्यालय के प्रॉक्टोरियल बोर्ड के एक सुरक्षाधिकारी समेत सात लोगों के खिलाफ मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) कोर्ट में आपराधिक शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में यौन उत्पीड़न, मारपीट, बंधक बनाने और कपड़े बदलते समय वीडियो बनाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। अदालत ने परिवाद स्वीकार करते हुए मामले की अगली सुनवाई के लिए 8 जुलाई की तिथि निर्धारित की है तथा एक सुरक्षाधिकारी को नोटिस जारी किया है।

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परिवाद के अनुसार, शिकायतकर्ता ने प्रॉक्टोरियल बोर्ड के एक सुरक्षाधिकारी, चार महिला सुरक्षाकर्मियों सहित कुल सात लोगों को आरोपी बनाया है। उनका आरोप है कि 13 जून 2023 को उन्हें करीब 12 घंटे तक बंधक बनाकर रखा गया और दो महिला कर्मचारियों ने उनके साथ मारपीट की धमकी दी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वर्ष 2023 में कपड़े बदलने के दौरान उनका वीडियो बनाया गया और उनके साथ यौन उत्पीड़न किया गया।

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शिकायतकर्ता ने अदालत को बताया कि 9 सितंबर 2025 को प्रॉक्टोरियल बोर्ड कार्यालय में आरोपियों ने उनके साथ फिर दुर्व्यवहार और मारपीट की। आरोप है कि वर्दी पहने एक सुरक्षाकर्मी ने उन्हें जबरन पकड़ने का प्रयास किया। विरोध करने पर उनका मोबाइल फोन छीनकर तोड़ दिया गया।

महिला खिलाड़ी का कहना है कि उन्होंने मामले में न्याय पाने के लिए कई स्तरों पर शिकायत की। उन्होंने लंका थाने में तहरीर दी, पुलिस आयुक्त को 24 जून 2026 को पंजीकृत डाक से प्रार्थना पत्र भेजा और अन्य प्रशासनिक माध्यमों से भी कार्रवाई की मांग की, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने अदालत की शरण ली।

मामले पर बीएचयू के चीफ प्रॉक्टर प्रो. संदीप पोखरिया ने कहा कि यह पुराना मामला है और उन्हें इसकी जानकारी है। फिलहाल अदालत ने शिकायत स्वीकार कर सुनवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब मामले में न्यायालय के समक्ष दोनों पक्षों की दलीलों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।
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