2009 में बसपा के टिकट पर जौनपुर से सांसद रहे धनंजय सिंह बाद में मायावती से रिश्ते खराब होने पर बसपा से निष्कासित कर दिए गए थे। 2014 और 2019 में वह भाजपा में आना चाहते थे, लेकिन बत बनी नहीं। जौनपुर से वह 2014 में निर्दलीय सांसद का चुनाव लड़े थे, लेकिन हार गए। 2019 में उन्होंने चुनाव लड़ा नहीं।
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अब, पत्नी के भाजपा में शामिल होने से राजनीतिक गलियारों में सरगर्मी तेज हो गई है। ऐसा लग रहा है कि पत्नी के भाजपा में शामिल होने से धनंजय के लिए पार्टी में शामिल होने का रास्ता खुल जाएगा।