टारस तनास्सोव के जीवन के बारे में कई रोचक बातें भी सामने आई हैं। उन्होंने दो शादियां की थीं। मंगलवार की शाम उनकी पहली पत्नी एलेन ने अमन कबीर से वीडियो कॉल पर बातचीत की। एलेन ने बताया कि अगस्त महीने में पारिवारिक विवाद के चलते टारस घर छोड़कर काशी चले गए थे। यहां आने के बाद उन्हें गंगा घाटों पर एक अलग तरह की शांति का अनुभव हुआ और उन्होंने साधना करना शुरू कर दिया।
स्थानीय लोगों के अनुसार, टारस की लंबी जटाएं और साधु जैसी वेशभूषा के कारण वह एक सन्यासी की तरह दिखाई देते थे। घाटों पर रहने के दौरान वह जरूरतमंद लोगों की मदद भी करते थे और कई बार आर्थिक सहायता तक प्रदान करते थे।
हालांकि, समय के साथ उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। वे एक गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। उनका इलाज मंडलीय अस्पताल में भी कराया गया, लेकिन स्वास्थ्य में सुधार नहीं हो सका। इस बात की पुष्टि अमन कबीर ने भी की है।