अभी तक बनारस में 20 ई-रिक्शा सेवाएं दे रहे हैं। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य काशी की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और शहर के पर्यटन अनुभव को बेहतर बनाना है। उद्देश्य है कि बनारस आने वाले विदेशी और देशी सैलानी मंदिरों और घाटों की सुंदरता देखने के साथ ही काशी की अंतरआत्मा से परिचित हों।
वह यहां के खान-पान, पहनावा, जीवनशैली आदि से परिचित होकर बनारस के रंग में रंग जाएं। महिलाओं द्वारा चलाई जा रही ई-रिक्शा पर रूट के लिए कोई पाबंदी नहीं है। महिला चालक पर्यटकों को लेकर शहर के किसी भी कोने में जा सकती हैं।
महिलाओं को दिया जा रहा प्रशिक्षण : अमृता सिंह ने बताया कि ई-रिक्शा के संचालन के लिए महिलाओं को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है ताकि वे पर्यटकों से बातचीत करने और सुरक्षा मानकों का पालन बेहतर तरीके से कर सकें।