प्रवासी भारतीय सम्मेलन के लिए तैयार रूपरेखा पर लंबी चर्चा के बाद गुरुवार को विदेश मंत्रालय ने सहमति दे दी। सुबह वाराणसी पहुंची मंत्रालय की टीम ने ऐढ़े गांव और हस्तकला संकुल का निरीक्षण किया और इसके बाद कई स्तर पर बैठक की।
अलग अलग तैयारियों की देर रात समीक्षा के बाद 13 अक्तूबर को अस्सी घाट से सम्मेलन के आयोजनों को शुरू करने पर सहमति बनी। इस दौरान सम्मेलन के इवेंट मैनेजर भी थे, जिन्होंने सम्मेलन से जुड़ी बारीकियों पर भी चर्चा की।
विदेश मंत्रालय के प्रमुख सचिव राजेश कुमार और संयुक्त सचिव कांफ्रेंस जेएस सिंघल के नेतृत्व में टीम वाराणसी पहुंची। 21 से 23 जनवरी तक होने वाले कार्यक्रमों में ठहरने, भोजन सहित अन्य चीजों पर लंबी चर्चा की गई। मेहमाननवाजी में चयनित मकानों को विदेश मंत्रालय की वेबसाइट पर लिंक करने के लिए कहा गया है।
इसके अलावा 13 अक्तूबर से 100 दिन तक चलने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम और उसके आयोजकों पर भी निर्णय लिया गया। मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने बताया कि 20 जनवरी 2019 से प्रवासी वाराणसी पहुंचेंगे। ऐसे में गंगा आरती से इसकी शुरुआत होगी। प्रवासियों के लिए बनने वाले नगर, आयोजन स्थल सहित अन्य तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण किया।