प्रवासी भारतीय सम्मेलन की तैयारियों का जायजा लेने सोमवार को वाराणसी पहुंची विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने केंद्र, राज्य और स्थानीय प्रशासन में समन्वय नहीं होने पर नाराजगी जताई। समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने छह सदस्यीय टीम का गठन किया। छह सदस्यीय टीम प्रवासी सम्मेलन के आयोजन स्थल पर आपसी सहमति के साथ काम को गति देगी।
आयोजन स्थल के बाहर शहर की व्यवस्था में केंद्र और राज्य सरकार के अधिकारियों को हस्तक्षेप नहीं करने का निर्देश दिया और कहा कि स्थानीय प्रशासन ही शहर की व्यवस्था पर निर्णय लेगा। इसके अलावा शहर में साफ सफाई और जाम की समस्या पर असंतोष जताया और इस पर कार्ययोजना तैयार कर अमल को कहा।
प्रशासन की ओर से प्रवासी भारतीय सम्मेलन का ब्लू प्रिंट विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जिसे हरी झंडी दे दी गई। छावनी क्षेत्र स्थित सभागार में प्रवासी भारतीय सम्मेलन की समीक्षा बैठक में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने अब तक की तैयारियों और भविष्य की कार्ययोजना की समीक्षा की।
टेंट सिटी और हस्तकला संकुल के आयोजन में उन्हें विदेश मंत्रालय, एनआरआई विभाग और स्थानीय प्रशासन में समन्वय का अभाव दिखा। उन्होंने विदेश मंत्रालय के सचिव प्रोटोकाल, एनआरआई विभाग के विशेष सचिव और दो अन्य अधिकारियों के साथ जिलाधिकारी व एसएसपी वाराणसी की छह सदस्यीय टीम गठित की।
उन्होंने कहा, यह टीम अब सम्मेलन से जुड़े कामों पर निर्णय लेगी। उन्होंने शहर के पब्लिक ट्रांसपोर्ट, घर, सार्वजनिक भवन सहित अन्य जगहों पर सफाई अभियान का निर्देश दिया। सम्मेलन की तैयारियों के निरीक्षण के दौरान विदेश मंत्री को कई खामियां मिली।
टेंट सिटी में समतलीकरण नहीं होने पर उन्होंने अधिकारियों से नाराजगी जताई और पूरे क्षेत्र में समतलीकरण का निर्देश दिया। जमीन पर प्लाई होने पर उन्होंने बताया कि अगर बारिश या मौसम खराब हुआ तो दिक्कत आएगी, ऐसे में पालिथीन की परत बिछाने को कहा। इसके अलावा टेंट सिटी के परदों में एक लेयर और लगाने का निर्देश दिया।