पार्कों में केवल हरियाली बढ़ाने तक काम सीमित नहीं रहेगा, बल्कि लैंडस्केपिंग, वॉकिंग पाथवे, ओपन जिम, बच्चों के खेल उपकरण, जल निकासी, प्रकाश व्यवस्था और बागवानी जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। दोनों परियोजनाओं को 36 महीने की अवधि में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यानी अगले तीन वर्षों में काशी के कई सार्वजनिक स्थलों, पार्कों और प्रमुख विरासत मार्गों की तस्वीर बदलने की योजना है।
एमओयू के दौरान बीपीसीएल के कार्यकारी निदेशक (एचआरएस) डी. पार्थसारथी, नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल, वीडीए उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा, केआईपीआरएफ के निदेशक अमरेंद्र तिवारी समेत जिला प्रशासन और बीपीसीएल के अधिकारी मौजूद रहे।