फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बरतें सतर्कता: त्योहार में कहीं आप नकली सोना-खोवा न खरीद लें, बचने के लिए जरूर अपनाएं ये पांच तरीके

Thu, 16 Oct 2025 10:37 AM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: त्योहारों में सोना- चांदी खरीदने या ऑनलाइन शॉपिंग में सतर्कता बरतें। इसकी वजह है कि ठगी और मिलावट का खेल तेजी से चल रहा है। ऐसे में थोड़ी सी सावधानी आपकी सेहत और जेब दोनों को बचा सकती है। आइए जानते हैं इसके उपाय...
विज्ञापन
त्योहारों में बरतें सावधानी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

त्योहारों में रौनक तो है, लेकिन इसी रौनक में छिपा है मिलावट और ठगी का बड़ा खेल। कहीं मिठाई में सिंथेटिक दूध मिलाया जा रहा है, तो कहीं बनारसी साड़ी के नाम पर बेची जा रही हैं। ऑनलाइन शॉपिंग में भी ठग सक्रिय हैं, जो फर्जी वेबसाइट बनाकर ग्राहकों को झांसे में ले रहे हैं। सिर्फ यही नहीं सोने-चांदी के नाम पर जाल बिछाया गया है। इसलिए त्योहार की मिठास में सावधानी सबसे जरूरी है। विशेषज्ञों का कहना है कि खरीदारी में थोड़ी-सी सतर्कता आपकी सेहत और जेब दोनों को बचा सकती है।

विज्ञापन


खोवा-पनीर: आयोडीन टिंचर कराएगा पहचान
खाद्य विभाग के इंस्पेक्टर सम्राट श्रीवास्तव बताते हैं कि खोवा-पनीर की पहचान के लिए घरेलू उपायों में न उलझे। सीधी सरल चीज है कि बाजार से आयोडीन टिंचर खरीद लें। उसकी कुछ बूंद पनीर के एक टुकड़े या खोवे और छेने के कुछ हिस्से पर डालें। यदि नकली है तो बूंद पड़ने वाली जगह काली हो जाएगी। असली है तो सामान्य रहेगी। इसी तरह थोड़ा सा दूध फर्श पर ढकेले यदि उसमें पानी की मिलावट नहीं की गई तो गाढ़ापन रहेगा और फैलेगा नहीं, यदि पानी की मिलावट तो बहने जैसी स्थिति में फैल जाएगा।

इसे भी पढ़ें; एआरटीओ दफ्तर का स्टिंग: डीएल शुल्क एक हजार, बिचौलिए वसूल रहे चार हजार रुपये; सक्रिय रहते हैं 22 दलाल

विज्ञापन

साड़ी: नकली है या असली कैसे पहचानें

बुनकरी के एक्सपर्ट अमरेश कुशवाहा कहते हैं कि असली और नकली साड़ियों की पहचान के लिए आप धागा जलाकर देखें, कपड़े को छूकर महसूस करें और उसकी बनावट व चमक पर ध्यान दें। असली रेशम की गंध जलते हुए बालों जैसी होती है और यह छूने में मुलायम और गर्म लगता है, जबकि नकली रेशम प्लास्टिक की तरह जलता है, कठोर होता है और छूने में चिकना या चिपचिपा लग सकता है। नकली साड़ी का धागा प्लास्टिक की तरह सिकुड़ जाएगा जबकि असली का धागा जलकर राख हो जाएगा। असली बनारसी साड़ियां रेशम की होती हैं।

जरूर देखें एचयूआईडी (HUID)

उत्तर प्रदेश स्वर्णकार संघ के प्रदेश अध्यक्ष सत्यनारायण सेठ ने बताया कि सोने-चांदी के असली और नकली सोना-चांदी गहने देखने में एक जैसे होते हैं। चांदी के नकली गहने असली की अपेक्षा हल्के होते हैं। रेती लगाने पर उसकी चमक फीकी पड़ जाती है। जबकि असली चांदी की चमक जस की तस रहती है। सोने के गहने खरीदते समय हमेशा एचयूआईडी (HUID) हालमार्क देखकर ही खरीदें। सभी सामान के लिए हमेशा जीएसटी पक्की बिल लें, ठगे नहीं जाएंगे।

सजावट: स्वदेशी झालर यानी फिनिशिंग अच्छी नहीं

झालर विक्रेता आकाश गुप्ता ने बताया कि स्वदेशी लाइट महंगी होती है, इसके बल्ब बड़े-बड़े होते हैं। चाइनीज की अपेक्षा फिनिशिंग धोड़ी कम होती है। जबकि चाइनीज झालर स्वदेशी की अपेक्षा सस्ती होती है। इसमें फिनिशिंग अच्छी होती है।
विज्ञापन

इंटरनेट: यह देखें कि वेबसाइट https से शुरू हो रही कि नहीं

डीसीपी क्राइम सरवणन टी. ने बताया कि त्योहारी सीजन में ऑनलाइन ठगी भी बढ़ जाती है। लोग अधिकतर सामान ऑनलाइन खरीदते हैं और उसी में ठग भी उन्हें शिकार बना लेते हैं। उन्होंने बताया कि वेबसाइट खोलने से पहले सुनिश्चित करें कि यह "https" से शुरू हो रही है कि नहीं। यदि शुरूआत https से हो रही है तो ठीक है। पासवर्ड मजबूत और यूनिक बनाएं और नियमित रूप से बदलें। सभी ऑनलाइन खातों के लिए एक अलग पासवर्ड का उपयोग करें। स्पैम और फिशिंग ईमेल को तुरंत डिलीट करें। किसी अनजान कॉलर को ओटीपी या पिन न बताएं।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें