बुनकरी के एक्सपर्ट अमरेश कुशवाहा कहते हैं कि असली और नकली साड़ियों की पहचान के लिए आप धागा जलाकर देखें, कपड़े को छूकर महसूस करें और उसकी बनावट व चमक पर ध्यान दें। असली रेशम की गंध जलते हुए बालों जैसी होती है और यह छूने में मुलायम और गर्म लगता है, जबकि नकली रेशम प्लास्टिक की तरह जलता है, कठोर होता है और छूने में चिकना या चिपचिपा लग सकता है। नकली साड़ी का धागा प्लास्टिक की तरह सिकुड़ जाएगा जबकि असली का धागा जलकर राख हो जाएगा। असली बनारसी साड़ियां रेशम की होती हैं।
उत्तर प्रदेश स्वर्णकार संघ के प्रदेश अध्यक्ष सत्यनारायण सेठ ने बताया कि सोने-चांदी के असली और नकली सोना-चांदी गहने देखने में एक जैसे होते हैं। चांदी के नकली गहने असली की अपेक्षा हल्के होते हैं। रेती लगाने पर उसकी चमक फीकी पड़ जाती है। जबकि असली चांदी की चमक जस की तस रहती है। सोने के गहने खरीदते समय हमेशा एचयूआईडी (HUID) हालमार्क देखकर ही खरीदें। सभी सामान के लिए हमेशा जीएसटी पक्की बिल लें, ठगे नहीं जाएंगे।
झालर विक्रेता आकाश गुप्ता ने बताया कि स्वदेशी लाइट महंगी होती है, इसके बल्ब बड़े-बड़े होते हैं। चाइनीज की अपेक्षा फिनिशिंग धोड़ी कम होती है। जबकि चाइनीज झालर स्वदेशी की अपेक्षा सस्ती होती है। इसमें फिनिशिंग अच्छी होती है।
डीसीपी क्राइम सरवणन टी. ने बताया कि त्योहारी सीजन में ऑनलाइन ठगी भी बढ़ जाती है। लोग अधिकतर सामान ऑनलाइन खरीदते हैं और उसी में ठग भी उन्हें शिकार बना लेते हैं। उन्होंने बताया कि वेबसाइट खोलने से पहले सुनिश्चित करें कि यह "https" से शुरू हो रही है कि नहीं। यदि शुरूआत https से हो रही है तो ठीक है। पासवर्ड मजबूत और यूनिक बनाएं और नियमित रूप से बदलें। सभी ऑनलाइन खातों के लिए एक अलग पासवर्ड का उपयोग करें। स्पैम और फिशिंग ईमेल को तुरंत डिलीट करें। किसी अनजान कॉलर को ओटीपी या पिन न बताएं।