विधायक ने सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नमन किया। इसके बाद भगवान शिव और पार्वती का रूप धारण किए नन्हे कलाकारों अनिका सिंह और अंशिका गौतम का तिलक कर माला पहनाई। विधायक ने श्रद्धालुओं से करछुलनाथ धाम पहुंचकर कांवड़ यात्रा के समापन कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की।
इसके बाद कांवड़ यात्रा बरईपार होते हुए करछुलनाथ धाम पहुंची। यहां विधायक ने ब्राह्मणों के सानिध्य में भगवान शिव का रुद्राभिषेक और जलाभिषेक किया। क्षेत्र के विकास और समृद्धि की कामना की गई। मंदिर परिसर में देर रात तक भंडारा चला, जिसमें श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
इसके बाद सई नदी के तट पर सामूहिक आरती के साथ यात्रा का समापन हुआ। दो दिवसीय यात्रा के पहले दिन चौरेश्वर महादेव धाम से यात्रा निकली थी। गगना मोड़, छंगापुर नहर चौराहा, लेदुका, प्राणपट्टी बाजार, भगतपुर, बीरमपुर, बदलापुर खुर्द, चकमोलनापुर, हिम्मतपुर, मिरसादपुर और कलिंजरा मोड़ समेत 17 स्थानों पर कांवड़ियों का स्वागत किया गया।
स्थानीय लोगों और कार्यकर्ताओं ने फल, शरबत और अन्य सामग्री की व्यवस्था कर शिवभक्तों की सेवा की। विधायक ने कहा कि कांवड़ यात्रा आदि गंगा गोमती के पावन तट से निकाली गई है। उन्होंने गोमती के धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व का उल्लेख करते हुए यात्रा को क्षेत्र की धार्मिक परंपरा और आस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन बताया। विधायक की पत्नी संजू मिश्रा और दोनों पुत्र हर्षित मिश्रा व यश मिश्रा भी पूरी यात्रा में शामिल रहे।
इस दौरान पूर्व ब्लॉक प्रमुख सजल सिंह, रत्नाकर मिश्रा, कृष्णाकर मिश्रा, उपेंद्र प्रताप सिंह, रतन सिंह उर्फ राजू, शैलेंद्र सिंह, जितेंद्र सिंह, विनोद सेठ, महेंद्र सिंह सोमवंशी, संदीप सिंह, सौरभ सिंह कौशिक, पंडित मुकेश मिश्रा, पप्पू तिवारी, दिनेश, अभिनव, तन्मय, बंटी उमर वैश्य, राघव, कल्ला आदि मौजूद रहे।