चौबेपुर निवासी रामअवध यादव ने बताया कि रोजाना कोनिया पुल से वह अपनी सब्जियां शहर ले जाते थे। कोनिया के रहने वाले अमरजीत सिंह ने कहा कि स्कूली बच्चों को काफी परेशानी हो रही है, क्योंकि बसें और ऑटो अब वैकल्पिक रास्तों से घूमकर आ रहे हैं।
संदहा की रहने नाली गुलाब देवी ने कहा कि पुल से गांव का सीधा संपर्क कटने शहर की ओर जाना कठिन हो गया है। पांडेयपुर और नक्खीघाट मार्ग पर वाहनों का दबाव बढ़ने से जाम की स्थिति बनी हुई है। कोनिया घाट पुल ग्रामीण अंचल को शहर से जोड़ने वाला अहम रास्ता है, जिसपर पानी चढ़ने से सैकड़ों लोगों की दैनिक दिनचर्या प्रभावित हो गई है।