वाराणसी में कुछ दिन पहले हुई बारिश के बाद गंगा का जलस्तर बढ़ रहा था। बताया गया कि पहाड़ी इलाकों में अधिक बारिश हुई है। दूसरी तरफ, जिले में जल पुलिस सहित प्रशासनिक अमले ने अलर्ट जारी कर दिया था।
Flood in Varanasi: छह दिन बाद गंगा का जलस्तर शनिवार को भी स्थिर रहा। हालांकि रात से सुबह तक जलस्तर पांच सेंटीमीटर पीछे भी खिसका है। सुबह जलस्तर 62.58 मीटर दर्ज किया गया। जलस्तर के स्थिर होने से तटवासियों को राहत मिली है, क्योंकि यह माना जा रहा है कि पानी अब कम होगा। वहीं, बीते पांच दिनों से लगातार बढ़ते जलस्तर से पांच घाटों का संपर्क टूट गया था।
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पानी भले स्थिर हो गया है, इसके बावजूद एनडीआरएफ और जल पुलिस के जवान लगातार वाटर लेवल पर नजर गढ़ाए हुए हैं। लोगों को लगातार अलर्ट करते सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। वहीं, बढ़े हुए जलस्तर में गंगा तट के कई मंदिर, सीढ़ियां और मढ़ियां जलमग्न हैं। इसमें सिंधिया घाट पर स्थित अतिप्राचीन रत्नेश्वर महादेव मंदिर भी शामिल हैं जिसका सिर्फ ऊपरी हिस्सा ही पानी से बाहर है।
दूसरी ओर हरिश्चंद्र घाट का पानी से सटा हुआ मिट्टी का हिस्सा पूरी तरह डूबा हुआ है। सीढ़ियों पर शवदाह हो रहा है। मणिकर्णिकाघाट पर भी शवदाह करने में दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि अभी गंगा आरती स्थलों में परिवर्तन करने की स्थित नहीं बनी है।
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इधर, मान मंदिर घाट तक पानी चढ़ जाने से त्रिपुरा भैरवी घाट से उसका सम्पर्क टूट गया है। केदारघाट को हरिश्चंद्रघाट को जोड़ने वाले मार्ग से पानी एक सीढ़ी दूर है। इसके आगे हनुमान घाट से शिवाला घाट का मार्ग पानी से अवरुद्ध है। अहिल्याबाई घाट पर जेटी के बराबर पानी है।