वाराणसी। गंगा के बढ़ते जलस्तर ने अब वरुणा में भी उफान ला दिया है। वरुणा के तटवर्ती इलाके में लोगों ने घरों से पलायन शुरू कर दिया है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गंगा का जलस्तर रात 8 बजे 68.67 मीटर दर्ज किया गया। यह चेतावनी बिंदु 70.26 मीटर से लगभग डेढ़ मीटर नीचे हैं। गंगा की तलहटी और घाट पर बने सभी मंदिर जलमग्न हो चुके हैं। गंगा दो घंटा प्रति सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ रही हैं। काशी में गंगा का जलस्तर बढने के कारण वरुणा किनारे बसने वालों ने सुरक्षित ठिकानों की तलाश तेज कर दी है। शैलपुत्री के आसपास की तेलियाना बस्ती में दर्जनों मकान बाढ़ के पानी में घिर चुके हैं। कई घरों को लोग तो खाली भी कर चुकेहैं। अपना घर खाली करके किराए के मकानों में लोगों ने शरण लेनी शुरू कर दी है। गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ाव के चलते सराय मोहाना से लेकर पुलकोहना, पक्की घाट, कोनिया, चौकाघाट, दनियालपुर, पिसौर भरथरा, बेदौली, कोटवां, मजीदिया घाट, कोरौत, कोईराजपुर, चमांव, अहिरान और कोइरान गांव के लोग काफी सहमे हुए हैं। गंगा का जलस्तर सुबह 8 बजे 68.58 मीटर था।
रात में घुसा घर में पानी, जागकर बिताई पूरी रात
तेलियाना की रहने वाली आसमां ने बताया कि बृहस्पतिवार की रात तीन बजे ही उसके घर में पानी घुसने लगा था। रात में जब वह उठी तो पानी देखकर तो उसके होश ही उड़ गए। पूरी रात हम लोगों ने परिवार के साथ जागकर बिताई। भोर होते ही ऊंचे क्षेत्र में अपने एक रिश्तेदार केयहां शरण ली है।
गंगा किनारे बढ़ाई गई सतर्कता
बढ़ते गंगा जलस्तर के कारण घाटों पर सतर्कता बढ़ा दी गई है। घाट किनारे आने वालों को दूर रहने के लिए चेतावनी जारी की गई है और नाविकों को भी जागरूक किया गया। नाविकों को पूरी तरह चौकन्ना रहने को कहा गया है। पितृपक्ष में श्राद्धकर्म करने के लिए घाट किनारे पहुंचे लोगों से भी बाढ़ के दौरान गंगा में स्नान नहीं करने का अनुरोध किया गया। सीओ दशाश्वमेध का कहना है कि गंगा में बढ़ाव के साथ ही पानी का बहाव भी बहुत तेज है इसलिए गंगा में पेट्रोलिंग बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। सभी घाटों पर निगरानी भी की जा रही है।
शिविर का नहीं है इंतजाम
जिला प्रशासन की ओर से भी अब तक बाढ़ राहत शिविरों के बारे में कोई निर्णय नहीं लिया गया है। गंगा में बढ़ाव से वरुणा में उफान शुरू हो गया है और कॉरिडोर के नजदीक वाले मकानों में पानी घुसने लगा है। लोगों ने पलायन करना शुरू कर दिया है।