गुरुवार को सुबह गंगा का पानी सड़क से उतरने के बाद पुलिस प्रशासन ने सामनेघाट रामनगर पुल मार्ग को आम जनता के लिए खोल दिया। लगभग 36 घंटे से ज्यादा समय तक पुल से आवागमन बंद था।
सन 2017 में बने पक्का पुल से अब तक कभी भी आवागमन बंद नहीं किया गया था। गंगा के जलस्तर में वृद्धि से आई बाढ़ ने 36 घंटे तक पुल पर से आवागमन बंद कर दिया। वहीं, सामनेघाट के आसपास की काॅलोनियों में घुसा बाढ़ का पानी भी उतरने से लोग थोड़ी राहत महसूस कर रहे हैं।
नमो घाट जाने वाली सड़क पर बाढ़ का पानी और गाद जमा होने के कारण अभी रास्ता बंद रखा गया है। मणिकर्णिका घाट पर भी पानी उतरने से शवदाह के लिए आने वालों को थोड़ी राहत मिली है। जलस्तर कम होने के बाद भी वरुणा पार इलाके में राहत नहीं मिली है। वरुणा कॉरिडोर अभी पूरी तरह से बाढ़ के पानी में डूबा हुआ है।
शीतला घाट और पक्का महाल की गलियों से उतरा पानी
गंगा के जलस्तर में कमी का असर गंगा के घाटों पर नजर आ रहा है। शीतला घाट की तरफ से दशाश्वमेध प्लाजा तक पहुंचा बाढ़ का पानी वापस हो गया है। वहीं बंगाली टोला की ओर जाने वाली गली से भी बाढ़ का पानी निकल चुका था। दशाश्वमेध घाट पर पानी उतरने के कारण पानी आठ सीढ़ी नीचे उतर चुका है।