डोमेस्टिक और लोकल टूर दोनों कैंसिल
फ्लाइट कैंसिलेशन का असर घरेलू पर्यटक समूहों पर भी पड़ा है। कई राज्यों से काशी आने वाले टूर पैकेज रद्द किए जा रहे हैं। ट्रैवल एजेंसी संचालिका अनामिका मिश्रा ने बताया कि दिल्ली, मुंबई, बंगलूरू, हैदराबाद और जयपुर से आने वाले कई ग्रुप यात्रियों ने अपने टूर कैंसिल कर दिए हैं। काशी आने वाले पर्यटक विंध्याचल, मार्कंडेय महादेव, श्री काशी विश्वनाथ मंदिर, अयोध्या, मथुरा धार्मिक टूर पैकेज पर भी जाते हैं।फ्लाइट कैंसिलेशन के कारण ट्रैवल एजेंसियों को करीब 30 करोड़ के नुकसान का अनुमान है। इसके अलावा लोकल टैक्सी, टूरिस्ट कैब और चार्टर्ड कार सर्विस की 40 फीसदी बुकिंग भी रद्द हो रही है।
होटल और क्रूज उद्योग पर भी मार
फ्लाइट कैंसिलेशन विवाद का सबसे बड़ा असर होटल और क्रूज उद्योग पर पड़ा है। शहर के लगभग 30 प्रतिशत होटल, क्रूज और लक्जरी बोट बुकिंग रद्द हो चुकी हैं। खासकर उन होटलों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है, जहां विदेशी पर्यटक लंबे समय तक ठहरते थे। वाराणसी होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष गोकुल शर्मा ने बताया कि दिसंबर से मार्च तक का समय उनके लिए गोल्डन सीजन माना जाता है, लेकिन इस बार बुकिंग कम होने से आमदनी पर सीधा असर पड़ेगा।
लोकल खरीदारी पर भी चोट
विदेशी पर्यटक काशी की पारंपरिक कला-गुलाबी मीनाकारी, लकड़ी की मूर्तियां, बनारसी साड़ी, जरी-जरदोज़ी और स्ट्रीट फूड के बड़े ग्राहक माने जाते हैं। उनकी संख्या कम होने से इन बाजारों में मंदी का खतरा बन गया है। कारीगरों और दुकानदारों को आशंका है कि यदि स्थिति जल्द नहीं सुधरी तो बिक्री में भारी गिरावट देखने को मिल सकती है।
सरकार और कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद स्थिति सुधरने के संकेत मिल रहे हैं। मुख्य सीजन में इस तरह की घटना से पर्यटन और कारोबार दोनों को चोट पहुंची है। - राहुल मेहता, अध्यक्ष, टूरिज्म वेलफेयर एसोसिएशन