आयुष्मान आरोग्य मंदिर में केंद्रीय टीम के निरीक्षण के दौरान कई खामियां मिलीं। यहां स्टाफ और मरीजों के लिए एक ही शौचालय है। साथ ही पानी की समुचित व्यवस्था न होने से टीम हैरान रह गई।
काशी विद्यापीठ ब्लॉक के आयुष्मान आरोग्य मंदिर पंडितपुर में एनक्वास के तहत मूल्यांकन करने पहुंची केंद्रीय टीम को खामियां मिलीं। यहां मरीज और स्टाफ के लिए एक ही शौचालय है। वहीं, पीने के पानी की भी समुचित व्यवस्था नहीं मिली। इस पर टीम के सदस्यों ने हैरानी जताई और मरीजों और कर्मचारियों के लिए अलग-अलग शौचालय की व्यवस्था करने का सुझाव दिया।
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राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक यानी एनक्वास के लिए भारत सरकार की ओर से डॉ. कपिल, डॉ. नीशू धवन ने आरोग्य मंदिर का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान एक ही हैंडवाॅश बेसिन होने पर दो बॉश बेसिन की व्यवस्था के साथ ही शुद्ध पेयजल के लिए आरओ लगवाने का सुझाव दिया।
एएनएम और सीएचओ से आयुष्मान आरोग्य मंदिर में होने वाली ओपीडी, टेलीमेडिसीन, जांच, दवा की उपलब्धता, विद्युतीकरण आदि के बारे में जानकारी ली। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रामबली सिंह ने बताया कि काशी विद्यापीठ विकास खंड के 29 आयुष्मान आरोग्य मंदिर के सापेक्ष 14 आयुष्मान आरोग्य मंदिर का एनक्वास असेसमेंट हो गया है। कंदवा व पंडितपुर का परिणाम आना बाकी है। इस दौरान स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी वीरेंद्र चौहान, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी पूजा सिंह, एएनएम निरमा मौजूद रहीं।