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Varanasi News: क्रिकेट कोच को गोली मारने वाले पांच बदमाश हिरासत में, आज होगा बड़ा खुलासा

Sun, 07 May 2023 07:53 AM IST
वाराणसी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

कबीरचौरा निवासी रामलाल यादव उर्फ दादा बीते एक मई की सुबह रोजाना की तरह ही डीएवी इंटर कॉलेज के खेल मैदान में खिलाड़ियों को क्रिकेट का प्रशिक्षण देने पहुंचे थे। इसी दौरान बाइक से आए तीन बदमाशों ने रामलाल की पीठ में गोली मार दी, जो उनके पेट से होते हुए आरपार कर गई थी।
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विस्तार
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औसानगंज स्थित डीएवी इंटर कॉलेज के खेल मैदान में क्रिकेट कोच रामलाल यादव उर्फ दादा (62) को गोली मारने की घटना में शामिल पांच बदमाश शनिवार को पकड़ लिए गए। वारदात में प्रयुक्त बाइक और असलहा पुलिस ने बरामद कर लिया है। बदमाशों से पूछताछ जारी है। रविवार को कोतवाली थाने की पुलिस घटना का खुलासा करेगी। पुलिस के अनुसार, वारदात की साजिश रचने से लेकर उसे अंजाम देने में छह बदमाश शामिल थे। वारदात की वजह को निजी विवाद बताया जा रहा है।

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यह भी पढ़ें- Varanasi: डीएवी कॉलेज परिसर में बदमाशों ने क्रिकेट कोच को मारी गोली , सुबह-सुबह वारदात से हड़कंप
 

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कंधे से गिरते ही बंदूक से हुआ फायर - फोटो : अमर उजाला
कबीरचौरा निवासी रामलाल यादव उर्फ दादा बीते एक मई की सुबह रोजाना की तरह ही डीएवी इंटर कॉलेज के खेल मैदान में खिलाड़ियों को क्रिकेट का प्रशिक्षण देने पहुंचे थे। इसी दौरान बाइक से आए तीन बदमाशों ने रामलाल की पीठ में गोली मार दी, जो उनके पेट से होते हुए आरपार कर गई थी। मलदहिया स्थित निजी अस्पताल में रामलाल का उपचार कराया गया और अब वह खतरे से बाहर हैं। घटनास्थल के इर्दगिर्द के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और सर्विलांस की मदद से पुलिस ने वारदात में शामिल एक ऑटो चालक सहित छह बदमाशों को चिह्नित किया। आरोपियों से पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि रामलाल के निजी जीवन से जुड़े पुराने विवाद को लेकर उनकी हत्या की नीयत से उन्हें गोली मारी गई थी। वहीं, इस संबंध में पूछे जाने पर कमिश्नरेट के पुलिस अफसरों ने कहा कि आरोपियों से पूछताछ की प्रक्रिया पूरी कर रविवार को घटना का खुलासा किया जाएगा।


हिरासत में एक अधिवक्ता भी
क्रिकेट कोच की हत्या के आरोप में जो बदमाश पकड़े गए हैं, उनमें एक अधिवक्ता शामिल है। पुलिस सूत्रों के अनुसार अधिवक्ता असलहा तस्करी करता है। साथ ही असलहों का अवैध तरीके से लेनदेन करने वालों को संरक्षण देता है। पुलिस का कहना है कि अधिवक्ता पूरे घटनाक्रम की एक अहम कड़ी है। उसकी निशानदेही पर ही असलहा बरामद हो सकता है।
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